ईरान ने UAE पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया जिससे इलाके में काफी तनाव बढ़ गया है। इस हमले के बाद बहरीन ने खुलकर UAE का साथ दिया है और कहा है कि वह अबू धाबी की सुरक्षा और स्थिरता के लिए पूरी तरह खड़ा है। मामला अब यूनाइटेड नेशंस (UN) की सुरक्षा परिषद तक पहुंच गया है जहां इस पर गंभीर चर्चा हुई।
ईरान ने UAE पर किस तरह से हमला किया?
UAE के राजदूत Mohamed Abushahab ने बताया कि 4 मई 2026 को ईरान ने UAE पर हमला किया। इस हमले से जुड़ी मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- मिसाइल और ड्रोन: हमले में 12 बैलिस्टिक मिसाइल, 3 क्रूज मिसाइल और 4 ड्रोन (UAV) का इस्तेमाल हुआ।
- नुकसान: इस हमले की वजह से Fujairah ऑयल इंडस्ट्री ज़ोन में आग लग गई।
- हताहत: इस घटना में तीन नागरिक घायल हुए।
- कानूनी उल्लंघन: UAE और फिनलैंड जैसे देशों ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और UN चार्टर का खुला उल्लंघन बताया।
बहरीन और अन्य देशों ने क्या प्रतिक्रिया दी?
बहरीन ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और UAE के साथ अपनी एकजुटता जताई है। इस मामले में हुए मुख्य घटनाक्रम इस प्रकार हैं:
- किंग हमद का बयान: बहरीन के किंग हमद बिन ईसा अल खलीफा ने UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान से फोन पर बात की और ईरान के हमलों की निंदा की।
- UN में बैठक: 6 मई 2026 को बहरीन के अनुरोध पर UN सुरक्षा परिषद ने बंद कमरे में बैठक की।
- अंतरराष्ट्रीय समर्थन: अमेरिका, सऊदी अरब, कुवैत और कतर ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी प्रस्ताव का समर्थन किया है।
- फिनलैंड का साथ: फिनलैंड की विदेश मंत्री Elina Valtonen ने भी इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताया और UAE के प्रति अपनी एकजुटता जाहिर की।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने UAE पर कब और कैसे हमला किया?
ईरान ने 4 मई 2026 को UAE पर हमला किया जिसमें 12 बैलिस्टिक मिसाइल, 3 क्रूज मिसाइल और 4 ड्रोन शामिल थे, जिससे Fujairah ऑयल ज़ोन में आग लग गई।
UN सुरक्षा परिषद में बहरीन ने क्या मांग की?
बहरीन ने 6 मई को UN सुरक्षा परिषद में बंद कमरे में चर्चा का अनुरोध किया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ईरान के हमलों पर एकजुट और निर्णायक प्रतिक्रिया देने की मांग की।