UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान को कुर्दिस्तान रीजन के राष्ट्रपति नेचिरवान बारजानी का फोन आया। इस बातचीत में ईरान द्वारा UAE के आम लोगों और उनकी जगहों पर किए गए आतंकवादी हमलों की कड़ी निंदा की गई। दोनों नेताओं ने इस बात पर चर्चा की कि ऐसे हमले इलाके की शांति और सुरक्षा के लिए कितने खतरनाक हैं और इससे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हुआ है।
ईरान के हमले में क्या हुआ और किसे नुकसान पहुँचा
4 मई 2026 को ईरान की तरफ से UAE पर हमला हुआ जिसमें 15 मिसाइल और 4 ड्रोन दागे गए थे। UAE के डिफेंस सिस्टम ने इन्हें हवा में ही रोक लिया लेकिन इस हमले में तीन भारतीय नागरिक मामूली रूप से घायल हुए। एक ड्रोन हमले की वजह से फुजैराह पेट्रोलियम इंडस्ट्रीज जोन में बड़ी आग लग गई और एक अन्य ड्रोन ने एक खाली कच्चे तेल के टैंकर को निशाना बनाया।
दुनिया भर के देशों और संगठनों ने क्या कहा
UAE के विदेश मंत्रालय ने इस हमले को एक खतरनाक कदम और आक्रामकता बताया है। मंत्रालय ने साफ कहा कि UAE अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा और उसके पास जवाब देने का पूरा हक है। इस मामले में कई बड़े देशों और संगठनों ने अपनी राय रखी है:
- सऊदी अरब: क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने फोन पर UAE के राष्ट्रपति से बात की और अपना समर्थन दिया।
- यूरोपीय संघ: यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया।
- फ्रांस: राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सभी पक्षों से हमले रोकने और बातचीत करने की अपील की।
- अन्य देश: भारत, पाकिस्तान, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, बहरीन, कुवैत और कतर समेत कई देशों ने ईरान की इस हरकत की निंदा की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
UAE में ईरान के हमले में कितने लोग घायल हुए?
4 मई 2026 को हुए हमले में तीन भारतीय नागरिक मामूली रूप से घायल हुए थे। ईरान ने कुल 15 मिसाइल और 4 ड्रोन दागे थे जिन्हें UAE ने इंटरसेप्ट किया।
ईरान के हमले पर दुनिया के किन देशों ने नाराजगी जताई?
सऊदी अरब, भारत, पाकिस्तान, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन और कनाडा जैसे देशों के साथ-साथ यूरोपीय संघ और GCC ने इस हमले की कड़ी निंदा की है।