UAE में ईरान द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद पूरी दुनिया में हलचल मच गई है। इस घटना के बाद कई देशों के बड़े नेताओं ने UAE के राष्ट्रपति His Highness Sheikh Mohamed bin Zayed Al Nahyan को फ़ोन करके अपना समर्थन दिया है। इन हमलों में आम नागरिक और विदेशी कामगार भी निशाने पर रहे, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
किन देशों ने ईरान के हमलों की निंदा की
ईरान की हरकतों के खिलाफ दुनिया भर के देशों ने एकजुटता दिखाई है। Jordan के राजा Abdullah II, Israel के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और Kurdistan क्षेत्र के प्रधानमंत्री Masrour Barzani ने राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से बात की और UAE की सुरक्षा के लिए अपना पूरा समर्थन दिया।
- UK और France: ब्रिटिश प्रधानमंत्री Keir Starmer और फ्रांसीसी राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने इन हमलों को अस्वीकार्य बताया है।
- EU और Canada: यूरोपीय संघ और कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney ने भी ईरान के इस कदम की कड़ी निंदा की है।
- Gulf देश: Saudi Arabia, Kuwait, Bahrain, Egypt और Jordan समेत GCC और अरब लीग ने भी इस हमले को गलत बताया है।
हमले में क्या हुआ और कितना नुकसान हुआ
यह तनाव 4 मई 2026 से शुरू हुआ जब UAE के डिफेंस सिस्टम ने ईरान की 4 मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया। इसके बाद 5 मई को ईरान ने ADNOC से जुड़े एक जहाज पर ड्रोन हमला किया, जो Strait of Hormuz से गुजर रहा था। UAE के विदेश मंत्रालय ने इसे समुद्री कानून का उल्लंघन और समुद्री डकैती करार दिया है।
सबसे ज़्यादा चिंता की बात यह रही कि ईरान ने नागरिक इलाकों और सुविधाओं को भी निशाना बनाया। Fujairah Oil Industry Zone में हुए एक ड्रोन हमले में 3 भारतीय नागरिक घायल हो गए। UAE सरकार ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन और अपनी संप्रभुता पर हमला बताया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
UAE पर ईरान के हमलों में कौन घायल हुए हैं
ईरान द्वारा Fujairah Oil Industry Zone पर किए गए ड्रोन हमले में 3 भारतीय नागरिक घायल हुए हैं।
UAE सरकार ने ईरान के हमलों पर क्या प्रतिक्रिया दी है
UAE के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और खतरनाक कदम बताया है। साथ ही Strait of Hormuz में जहाजों पर हमले को समुद्री डकैती कहा है।