18 मार्च 2026 को ईरान के असलुयेह में मौजूद गैस फैसिलिटी पर बड़ा हमला हुआ. इसके जवाब में ईरान ने दुश्मन देशों के उन ठिकानों को निशाना बनाने का ऐलान किया है, जिन्हें अब तक बिल्कुल सुरक्षित माना जाता था. ईरान ने तेल अवीव और हाइफा पर अपनी खुर्रमशहर 4 और कद्र मिसाइलें दागी हैं. इसके साथ ही यूएई, कतर, बहरीन और सऊदी अरब जैसे खाड़ी देशों की तरफ 2000 से ज्यादा ड्रोन और मिसाइलें फायर की गई हैं.

UAE में रहने वाले प्रवासियों के लिए क्या है चेतावनी?

ईरानी सेना ने यूएई में रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी जारी की है. सेना की तरफ से कहा गया है कि आम लोग और प्रवासी पोर्ट और डॉक के आसपास जाने से बचें. ईरान ने इन जगहों को अमेरिका से जुड़े होने के कारण अपना निशाना बताया है. जो भी भारतीय या अन्य प्रवासी इन इलाकों में काम करते हैं, उन्हें अभी इन जगहों से दूर रहने को कहा गया है. होर्मुज जलडमरूमध्य अभी खुला है लेकिन ईरान ने इसे दुश्मन देशों और उनके सहयोगियों के जहाजों के लिए रोक दिया है.

ईरान के किन बड़े अधिकारियों की गई जान?

ईरान का यह पलटवार उनके कई बड़े अधिकारियों की मौत के बाद सामने आया है. हाल ही में एक हमले में ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी अली लारीजानी और बासिज फोर्स के हेड गुलामरेज़ा सोलेमानी की मौत हो गई. इसके अलावा इजरायल के रक्षा मंत्री ने दावा किया है कि ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब को भी मार गिराया गया है, हालांकि ईरान ने अभी आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है.

अमेरिका और इजरायल पर क्या है ईरान का रुख?

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा है कि अगर किसी भी क्षेत्रीय ऊर्जा फैसिलिटी में अमेरिकी कंपनियों की हिस्सेदारी है, तो उसे निशाना बनाया जाएगा. ईरानी सेना के प्रवक्ता ने यह भी चेतावनी दी है कि अमेरिका से जुड़े सभी तेल और आर्थिक बुनियादी ढांचे को राख में मिला दिया जाएगा. वहीं दूसरी तरफ इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने सभी मोर्चों पर बड़े सरप्राइज देने की बात कही है और कहा है कि सेना को किसी भी सीनियर ईरानी नेता को खत्म करने की मंजूरी दे दी गई है.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.