ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब खुले युद्ध में बदलता दिख रहा है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जोरदार हमला किया है। इस संघर्ष के बीच एक बहुत ही दुखद खबर आई है कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई है।

अमेरिकी ठिकानों पर ईरान का बड़ा हमला

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ऐलान किया है कि उसने कुवैत के अली अल सलेम और अहमद अल जाबर बेस के साथ-साथ बहरीन के शेख ईसा बेस पर 18 लक्ष्यों को निशाना बनाया। इसके अलावा, जॉर्डन के अल-अज़राक एयर बेस पर 12 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं। ईरान का कहना है कि उसने यह हमला अमेरिका द्वारा अपने इलाकों में किए गए हमलों के जवाब में किया है और जब तक हमले जारी रहेंगे, वह जवाबी कार्रवाई करता रहेगा।

अमेरिका की जवाबी कार्रवाई और भारतीय नाविकों की मौत

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर ईरान के भीतर कई सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किए। इन हमलों में ईरान के दक्षिणी हिस्सों और तेहरान के पास धमाकों की खबरें आई हैं। इसी दौरान एक टैंकर पर अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविक मारे गए। अमेरिकी सेना का कहना है कि उस जहाज ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी का उल्लंघन किया था।

होर्मुज जलडमरूमध्य बंद और खाड़ी देशों का हाल

ईरान के खतम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को सभी जहाजों और तेल टैंकरों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया है। बहरीन में इस हमले के कारण एक 11 साल की बच्ची घायल हुई है और कई घरों को नुकसान पहुंचा है। वहीं, जॉर्डन ने 20 मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया और कुवैत ने भी अपने एयर डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल कर हमलों को नाकाम किया। पाकिस्तान ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताई है जबकि कतर ने ईरान के हमलों की निंदा की है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

इस संघर्ष में भारतीय नागरिकों पर क्या असर हुआ?

एक टैंकर पर अमेरिकी सैन्य हमले में तीन भारतीय नाविक मारे गए। यह हमला कथित तौर पर ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी तोड़ने के कारण किया गया था।

ईरान ने किन अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया?

ईरान ने कुवैत के अली अल सलेम और अहमद अल जाबर बेस, बहरीन के शेख ईसा बेस और जॉर्डन के अल-अज़राक एयर बेस पर हमले किए।