ईरान की बढ़ती आक्रामकता से अरब देशों में हड़कंप, सऊदी और UAE ने दी चेतावनी

मिडल ईस्ट में इस समय तनाव का माहौल काफी गहरा गया है। अरब लीग के महासचिव Nabil Fahmy ने 8 अगस्त 2026 को यह साफ कर दिया है कि ईरान की तरफ से हो रहे लगातार हमले पूरे इलाके की शांति और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं। इस चेतावनी के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र के देशों में चिंता बढ़ गई है, क्योंकि इसका सीधा असर वहां रहने वाले आम लोगों और काम करने वाले लाखों प्रवासियों पर भी पड़ सकता है।
UAE और सऊदी अरब पर हमलों का खतरा
हाल ही में United Arab Emirates ने ईरान पर आरोप लगाया है कि उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ADNOC से जुड़े एक जहाज पर मिसाइल हमला किया है। UAE ने इसे सीधे तौर पर समुद्री डकैती और दुश्मनी भरा काम करार दिया है। वहीं, सऊदी अरब के अधिकारियों को डर है कि ईरान के समर्थन वाले Houthi विद्रोही और इराक में सक्रिय मिलिशिया, जो IRGC के इशारे पर काम करते हैं, मिलकर हमला कर सकते हैं। IRGC ने यह शर्त भी रखी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य तभी खुलेगा जब अमेरिका उनकी शर्तें मान लेगा।
आम नागरिक और बुनियादी ढांचे पर संकट
ईरान ने खाड़ी देशों को खुली धमकी दी है कि अगर उन्होंने अमेरिका को सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए नहीं मनाया, तो वे उनके तेल के कुओं, बिजली घरों और पानी के प्लांटों को निशाना बनाएंगे। इस स्थिति से वहां काम करने वाले भारतीयों सहित अन्य प्रवासियों में डर का माहौल है क्योंकि अगर बुनियादी सुविधाएं प्रभावित होती हैं, तो दैनिक जीवन जीना मुश्किल हो जाएगा। Saudi Arabia ने इस बीच अमेरिका से बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की है, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने को तैयार हैं। Arab League ने 7 अगस्त को सऊदी अरब के Najran इलाके में हुए हमले की कड़ी निंदा की है और कहा है कि किसी एक अरब देश पर हमला पूरे अरब जगत पर हमला माना जाएगा। फिलहाल, पूरे क्षेत्र में स्थिति बहुत संवेदनशील बनी हुई है।