अरब देशों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। Arab Parliament ने ईरान के हमलों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उनका कहना है कि ईरान जिस तरह से बार-बार हमले कर रहा है, वह पूरे क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए बड़ा खतरा है। यह चर्चा एक खास मीटिंग के दौरान हुई जिसमें कई देशों ने हिस्सा लिया।
ईरान के हमलों पर कड़ा विरोध
Arab Parliament के प्रेसिडेंट Mohammed bin Ahmed Al Yamahi ने साफ कहा कि अरब देशों को निशाना बनाने वाले ईरानी हमले एक खतरनाक कदम हैं। उन्होंने बताया कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र के चार्टर और पड़ोसियों के साथ अच्छे व्यवहार के नियमों का खुला उल्लंघन है। Al Yamahi ने कहा कि ईरान का यह आक्रामक रवैया इलाके में शांति की उम्मीदों को खत्म कर रहा है।
अरब देशों की सुरक्षा पर बड़ा बयान
यह बातें 39वें Arab Inter-Parliamentary Union Conference के दौरान कही गईं। इस मीटिंग की अध्यक्षता सऊदी Shura Council के स्पीकर Sheikh Dr. Abdullah bin Mohammed Al-Sheikh ने की। मीटिंग में यह बात कही गई कि सभी अरब देशों की सुरक्षा एक-दूसरे से जुड़ी है। अगर किसी एक देश की सुरक्षा को खतरा होता है, तो उसे पूरे अरब जगत की सुरक्षा के लिए खतरा माना जाएगा। Arab Parliament ने उन सभी देशों को पूरा समर्थन दिया है जो अपनी सुरक्षा और संप्रभुता बचाने के लिए कानूनी कदम उठा रहे हैं।
फिलिस्तीन के मुद्दे पर जोर
सुरक्षा की चुनौतियों के बीच Al Yamahi ने यह भी याद दिलाया कि फिलिस्तीन के मुद्दे को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गाजा पट्टी, वेस्ट बैंक और यरूशलेम के हालात गंभीर हैं। इसके लिए दुनिया के देशों को मिलकर सख्त कदम उठाने होंगे ताकि फिलिस्तीनी लोगों के अधिकारों की रक्षा की जा सके और वहां हो रहे उल्लंघनों को रोका जा सके।
