ईरान ने एक बार फिर बहरीन, कुवैत और जॉर्डन पर हमले किए हैं जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। इस घटना के बाद GCC देशों और अन्य अरब देशों ने ईरान की इस हरकत पर कड़ी नाराजगी जताई है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने खुद दावा किया है कि उन्होंने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
GCC और अरब देशों ने जताई कड़ी नाराजगी
GCC के महासचिव Jassim Mohammed Al-Budaiwi ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि नागरिक सुविधाओं और जरूरी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना शांति की कोशिशों को कमजोर करता है। बहरीन, कुवैत और जॉर्डन ने अपनी सुरक्षा और संप्रभुता को बचाने के लिए जो भी कदम उठाए हैं, GCC उनका पूरा समर्थन करता है।
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने इसे क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने वाला कदम बताया और कहा कि बातचीत के जरिए मसले हल करने चाहिए। वहीं, कतर और मिस्र ने भी इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार दिया है। मिस्र ने इन हमलों को खतरनाक बताया जो पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए खतरा हैं।
कहां-कहां हुए हमले और क्या थी वजह
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के मुताबिक उन्होंने कुल 18 अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। इनमें कुवैत के Al-Salem और Ahmad Al-Jaber बेस, बहरीन का Sheikh Isa बेस और जॉर्डन के कुछ ठिकाने शामिल हैं। ईरान का कहना है कि यह हमला दक्षिणी ईरान पर अमेरिका द्वारा किए गए पिछले हमलों का जवाब था।
GCC काउंसिल की ईरान को चेतावनी
इससे पहले 10 जून 2026 को मनमा, बहरीन में हुई बैठक में GCC मिनिस्ट्रियल काउंसिल ने ईरान को चेतावनी दी थी। काउंसिल ने कहा था कि ऐसे हमले बातचीत के दरवाजे बंद करते हैं। उन्होंने साफ किया कि GCC देशों की सुरक्षा एक है और ईरान अपनी इन हरकतों के लिए पूरी तरह जिम्मेदार है। इन हमलों से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और तेल की सप्लाई पर भी बुरा असर पड़ सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने किन देशों के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया
ईरान ने कुवैत (Al-Salem और Ahmad Al-Jaber बेस), बहरीन (Sheikh Isa बेस) और जॉर्डन में स्थित कुल 18 अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं।
ईरान ने इन हमलों का क्या कारण बताया
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया कि ये हमले दक्षिणी ईरान पर अमेरिका द्वारा किए गए पिछले हमलों के जवाब में किए गए हैं।
