ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने 14 जुलाई 2026 को दावा किया कि उनके ऑपरेशन ‘नस्र-2’ के दूसरे चरण में बहरीन में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए गए हैं। इन हमलों में हथियारों के गोदाम, सैटेलाइट कम्युनिकेशन हब और अमेरिकी सैनिकों के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया है। यह जानकारी ईरान की आधिकारिक न्यूज एजेंसी IRNA द्वारा दी गई है।
लगातार हो रहे हमले और क्षेत्र में तनाव
इससे पहले 13 जुलाई 2026 को भी IRGC ने दावा किया था कि उन्होंने बहरीन, जॉर्डन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य केंद्रों पर हमले किए थे। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई उनके तटीय इलाकों पर हुए अमेरिकी हमलों का जवाब है। IRGC के अनुसार, बहरीन के शेख ईसा बेस पर मौजूद हेलीकॉप्टर मेंटेनेंस सेंटर, P-8 सर्विलांस एयरक्राफ्ट हैंगर और ड्रोन कंट्रोल सेंटर को निशाना बनाया गया।
सुरक्षा बलों का जवाब और मौजूदा स्थिति
बहरीन के सैन्य अधिकारियों ने 13 जुलाई को इन हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ईरान नागरिकों को निशाना बना रहा है। बहरीन ने दावा किया कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने कई ईरानी हवाई हमलों को नाकाम कर दिया है। इसी बीच, यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने भी जानकारी दी कि उन्होंने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, रडार और मिसाइल ठिकानों पर जवाबी हमले किए हैं। इस ऑपरेशन में फाइटर जेट्स और पहली बार वन-वे अटैक ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। पूरे क्षेत्र में चल रहे इन हमलों के कारण स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है।
