ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों ने दुबई और अबू धाबी में काफी तनाव पैदा किया। इस मुश्किल घड़ी में दुबई के रहने वाले लोग और अलग-अलग देशों के समुदाय एक साथ खड़े नजर आए। कम्युनिटी ग्रुप्स ने मिलकर प्रवासियों की मदद की ताकि संकट के समय में कोई भी खुद को अकेला महसूस न करे और सबको जरूरी सहायता मिल सके।
UAE सरकार और प्रशासन ने सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए?
UAE सरकार ने ईरान के इन हमलों को आतंकवादी हमला करार दिया और इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया। लोगों के बीच एकजुटता बढ़ाने के लिए डिजाइन कमीशन अबू धाबी ने One Nation, One People नाम की पहल शुरू की। सरकार और दूतावासों ने मिलकर लोगों को उनके देश वापस भेजने, मेडिकल मदद पहुँचाने और जरूरी राशन बांटने का काम किया। रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि आने वाले खतरों को हवा में ही रोक लिया गया था।
भारतीय समुदाय और अन्य ग्रुप्स ने प्रवासियों की कैसे की मदद?
दुबई और शारजाह में रहने वाले भारतीय समूहों ने इस संकट के दौरान काफी सक्रिय भूमिका निभाई। Indian Association Sharjah (IAS) और Indian People’s Forum (IPF) ने फंसे हुए यात्रियों की मदद की और ब्लड डोनेशन कैंप व इफ्तार भोजन का इंतजाम किया। महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य के लिए Indian Women in Dubai (IWD) ने ‘Reconnect & Recharge’ नाम से ऑनलाइन सेशन चलाए। इसके अलावा Infinite Communities ने पर्यटकों को घर लौटने में मदद की और खाने के पैकेट बांटे।
ईरान के हमले और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया क्या रही?
5 मई 2026 को हुए हमलों में फुजैराह की एक तेल सुविधा को निशाना बनाया गया जिससे तीन लोग घायल हुए। भारत, अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और यूरोपीय संघ जैसे देशों ने इन हमलों की कड़ी निंदा की और UAE के साथ अपनी एकजुटता जताई। दूसरी तरफ ईरान के प्रवक्ता ने इन हमलों से इनकार किया और चेतावनी दी कि अगर UAE की जमीन से कोई हमला हुआ तो वह उसका करारा जवाब देगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान के हमलों के दौरान भारतीय प्रवासियों की मदद किसने की?
Indian Association Sharjah (IAS), Indian People’s Forum (IPF) और Indian Women in Dubai (IWD) जैसे ग्रुप्स ने भोजन, मेडिकल सहायता और मानसिक स्वास्थ्य सेशन के जरिए भारतीयों की मदद की।
UAE सरकार ने लोगों की एकजुटता के लिए कौन सी पहल शुरू की?
अबू धाबी डिजाइन कमीशन ने ‘One Nation, One People’ पहल शुरू की ताकि संकट के समय अलग-अलग देशों के नागरिक एकजुट रह सकें।