खाड़ी देशों में तनाव का माहौल गहरा गया है। 23 जुलाई 2026 को खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के सदस्य देशों और जॉर्डन ने ईरान द्वारा किए जा रहे हमलों की कड़ी निंदा की है। इन देशों ने ईरान के इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताया है।
क्षेत्रीय सुरक्षा और बचाव की तैयारी
GCC देशों ने साफ कहा है कि उन्हें अपनी संप्रभुता, नागरिकों और बुनियादी ढांचे की रक्षा करने का पूरा अधिकार है। UAE ने विशेष रूप से बहरीन, कुवैत और जॉर्डन पर हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों को चिंताजनक बताया है। दूसरी तरफ, ईरान के IRGC ने जॉर्डन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की बात स्वीकार की है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने चेतावनी दी है कि वे अपनी रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।
प्रवासियों के लिए अलर्ट
क्षेत्र में बढ़ते इस तनाव का सीधा असर आम लोगों और प्रवासियों पर पड़ रहा है। Jordan की सेना ने ईरान द्वारा छोड़े गए 6 ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया, जबकि Kuwait ने भी अपने रक्षा सिस्टम से दुश्मन के ड्रोन को रोका है। US State Department ने मध्य पूर्व में रह रहे अमेरिकी नागरिकों को फ्लाइट रद्द होने की संभावना के मद्देनजर सतर्क रहने की सलाह दी है। यह स्थिति उन सभी लोगों के लिए चिंता का विषय है जो इन देशों में काम कर रहे हैं या भारत आने-जाने की योजना बना रहे हैं।
