12 जुलाई 2026 को खाड़ी के देशों में उस वक्त हड़कंप मच गया जब ईरान की ओर से बहरीन, कुवैत, कतर, ओमान और जॉर्डन को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन दागे गए। UAE के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है। मंत्रालय का कहना है कि यह हमला देशों की संप्रभुता का उल्लंघन है और इससे पूरे क्षेत्र की शांति खतरे में पड़ गई है। UAE ने इन हमलों का सामना कर रहे देशों के साथ पूरी एकजुटता दिखाई है।
हमलों का असर और तबाही
ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। उनका दावा है कि यह हमला 11 जुलाई 2026 को अमेरिका द्वारा किए गए हवाई हमलों का जवाब था। इन हमलों के कारण कतर में मलबे की चपेट में आने से एक बच्चे समेत तीन लोग घायल हुए हैं। जॉर्डन में तीन ईरानी मिसाइल गिरीं जिससे काफी नुकसान हुआ है, वहीं ओमान के Musandam इलाके में ड्रोन हमलों की खबर है।
बढ़ता तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य
इस तनाव के बीच अमेरिका (CENTCOM) ने ईरान में लगभग 140 सैन्य ठिकानों पर हमले की पुष्टि की है, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ संघर्ष विराम को खत्म करने का ऐलान कर दिया है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण Strait of Hormuz को अगले आदेश तक बंद कर दिया है। इस रास्ते पर पहले भी ईरान द्वारा एक Cyprus के जहाज को निशाना बनाया गया था, जिसमें एक भारतीय चालक दल का सदस्य लापता हो गया था। खाड़ी में बसे प्रवासियों और यात्रियों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है।
