खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है क्योंकि ईरान ने सऊदी अरब, कतर और कुवैत जैसे देशों के महत्वपूर्ण तेल और गैस ठिकानों को निशाना बनाया है। ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, जापान और कनाडा ने एक साझा बयान जारी कर इन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। इन हमलों के कारण दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग Strait of Hormuz को लगभग बंद कर दिया गया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है।

ईरान के हमलों से किन ठिकानों को हुआ नुकसान?

ईरान द्वारा किए गए हमलों ने खाड़ी देशों की ऊर्जा बुनियादी संरचना को काफी नुकसान पहुंचाया है। इससे न केवल इन देशों की अर्थव्यवस्था बल्कि अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर भी बुरा असर पड़ा है। नीचे दी गई टेबल में प्रभावित मुख्य ठिकानों की जानकारी है:

ठिकाने का नाम देश असर
Ras Laffan LNG Facility कतर निर्यात क्षमता में 17% की कमी
SAMREF Refinery सऊदी अरब सीधा हमला और क्षति
Mina Al-Ahmadi Refinery कुवैत कामकाज पर असर

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या हो रही है कार्रवाई?

दुनिया भर के शक्तिशाली देशों और संयुक्त राष्ट्र ने इस मामले में दखल दिया है और ईरान से तुरंत शांति की अपील की है। इस स्थिति से निपटने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं:

  • संयुक्त राष्ट्र का प्रस्ताव: UN सुरक्षा परिषद ने प्रस्ताव 2817 पारित कर ईरान को हमलों को तुरंत रोकने का आदेश दिया है।
  • सात देशों का बयान: UK, अमेरिका और जापान समेत 7 देशों ने जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की मांग की है।
  • IEA का फैसला: तेल की कमी को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार जारी करने का निर्णय लिया है।
  • सऊदी और GCC का रुख: खाड़ी सहयोग परिषद ने अपनी रक्षा करने के अधिकार को दोहराया है।

Strait of Hormuz फिलहाल ज्यादातर वाणिज्यिक जहाजों के लिए बंद है, जिससे भारत और अन्य देशों को तेल की सप्लाई में देरी हो सकती है। ईरान केवल चीन, तुर्की और भारत जैसे कुछ चुनिंदा देशों के तेल ले जाने वाले जहाजों को ही वहां से गुजरने दे रहा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.