खाड़ी देशों में तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। ईरान की तरफ से कुवैत और बहरीन पर मिसाइल और ड्रोन से लगातार हमले किए जा रहे हैं। इन हमलों के बाद कुवैत और बहरीन ने ईरान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है और अपनी सुरक्षा को मजबूत किया है। बहरीन ने दावा किया है कि उसने ईरान की तरफ से दागी गई 7 मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया, जबकि कुवैत में सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए हवाई यातायात को रोकना पड़ा। इन हमलों और हवाई सेवाओं में अस्थाई रुकावट के कारण खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और अक्सर यात्रा करने वाले लोगों को यात्रा में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हवाई अड्डों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है, इसलिए यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक कर लें।

कुवैत और बहरीन पर हुए हमलों में क्या हुआ?

3 जून 2026 को ईरान ने कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे। कुवैत के विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल सऊद अब्दुलअजीज अल-अतवान ने पुष्टि की है कि इस हमले में 1 व्यक्ति की मौत हो गई और 63 लोग घायल हो गए। इसके बाद 6 जून 2026 को बहरीन ने अपने हवाई क्षेत्र में आने वाली 7 ईरानी मिसाइलों को मार गिराया। बहरीन के आंतरिक मंत्रालय ने नागरिकों के लिए एयर रेड अलर्ट जारी किया और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी। कुवैत की सेना ने भी 6 जून को मिसाइल और ड्रोन हमलों का जवाब दिया, जिसके कारण कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानों को कुछ देर के लिए रोकना पड़ा।

कुवैत और बहरीन ने क्या बड़े कदम उठाए हैं?

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए कुवैत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने ईरान के कार्यवाहक राजदूत को बुलाकर कड़ा विरोध पत्र सौंपा और ईरान के दो राजनयिकों को देश से बाहर जाने का आदेश दिया। कुवैत ने साफ कहा है कि देश की सुरक्षा और संप्रभुता उनकी रेड लाइन है। बहरीन के विदेश मंत्रालय ने भी इन हमलों की निंदा की है और इसे दोनों देशों की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। बहरीन ने ईरान से हमले तुरंत रोकने, हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने और समुद्री बारूदी सुरंगों की जानकारी साझा करने की मांग की है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या प्रतिक्रिया आई है?

इस पूरे मामले पर अमेरिका और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने भी प्रतिक्रिया दी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने 5 जून 2026 को बहरीन और कुवैत की तरफ बढ़ रहे कई ईरानी मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया था। इसके साथ ही अमेरिकी सेना ने ईरान के तटीय रडार ठिकानों पर हमले भी किए। खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव जसीम मोहम्मद अलबुदैवी ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया है। दूसरी तरफ, पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री इस तनाव को कम करने और बातचीत का रास्ता निकालने के लिए 6 जून को तेहरान का दौरा कर सकते हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत और बहरीन पर ईरान के हमलों में कितना नुकसान हुआ है?

3 जून 2026 को कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले में 1 व्यक्ति की मौत हो गई और 63 लोग घायल हुए थे। बहरीन ने 6 जून को अपने इलाके में आने वाली 7 ईरानी मिसाइलों को सफलतापूर्वक हवा में ही नष्ट कर दिया।

इन हमलों के बाद कुवैत सरकार ने क्या राजनयिक कदम उठाए हैं?

कुवैत के विदेश मंत्रालय ने ईरान के कार्यवाहक राजदूत को तलब कर कड़ा विरोध पत्र सौंपा है और ईरान के दो राजनयिकों को देश छोड़ने का आदेश दिया है।

क्या इस तनाव के कारण उड़ानों पर कोई असर पड़ा है?

हाँ, कुवैत की सेना द्वारा मिसाइल और ड्रोन हमलों का जवाब देने के दौरान कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हवाई यातायात को कुछ समय के लिए निलंबित कर दिया गया था, जिसे बाद में फिर से शुरू किया गया।