15 जुलाई 2026 को ईरान ने खाड़ी देशों को निशाना बनाकर कई सैन्य हमले किए, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। मिस्र ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है और इसे देशों की संप्रभुता और अखंडता का उल्लंघन बताया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है और अमेरिका से जुड़े सैन्य ठिकानों को अपना निशाना बताया है।
हमलों का ब्यौरा और सुरक्षा स्थिति
ईरान द्वारा किए गए इन हमलों का असर कई देशों में देखा गया है:
- जॉर्डन: सेना ने अपने हवाई क्षेत्र में ईरान की 4 बैलिस्टिक मिसाइलें मार गिराईं। इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
- कुवैत: कुवैत के रक्षा तंत्र ने ड्रोन और मिसाइल हमलों को रोकने की कोशिश की। एक कुवैती नौसेना के जहाज के हमले की चपेट में आने से 4 सैनिक घायल हो गए हैं। एक जगह आग लगने की भी घटना हुई, जिस पर काबू पा लिया गया है।
- बहरीन: बहरीन के रक्षा बल ने भी ईरान के हवाई हमलों को रोकने की पुष्टि की है, जिसके चलते वहां एयर रेड सायरन बजाए गए।
ईरान ने धमकी दी है कि जब तक अमेरिका की कथित बुराइयां खत्म नहीं होती, तब तक हार्मोज़ जलडमरूमध्य को बंद रखा जाएगा। इस तनाव के चलते तेल की कीमतों में उछाल आया है। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान पर आगे भी हमले जारी रखने और जरूरत पड़ने पर बिजली संयंत्रों व पुलों को भी निशाना बनाने की चेतावनी दी है, साथ ही ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी भी फिर से लागू कर दी है।
