खाड़ी देशों में सुरक्षा की स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है क्योंकि 18 जुलाई 2026 को ईरान द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन को हिलाकर रख दिया है। GCC के महासचिव Jasem Mohamed Albudaiwi ने इन हमलों को कड़ी चेतावनी देते हुए इसे युद्ध अपराध और बेहद खतरनाक स्थिति करार दिया है। उनका कहना है कि आम लोगों के बुनियादी ढांचे को जानबूझकर निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का गंभीर उल्लंघन है।

हमलों का असर और तबाही

ईरान के Islamic Revolution Guard Corps (IRGC) ने दावा किया कि उन्होंने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में अमेरिका के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इस हमले के चलते कुवैत में बिजली और पानी के प्लांट को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे वहां के प्रोडक्शन यूनिट को बंद करना पड़ा और कई नागरिक व सैन्य कर्मी घायल हुए हैं। दूसरी ओर, बहरीन की डिफेंस सिस्टम ने कई ईरानी ड्रोन्स को हवा में ही नष्ट कर दिया, जबकि जॉर्डन ने अपने हवाई क्षेत्र में दाखिल हुए चार ड्रोन्स को मार गिराया है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और चिंता

यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए प्रभावित देशों के साथ एकजुटता दिखाई है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव Antonio Guterres ने भी आम नागरिकों के ठिकानों पर हुए इन हमलों को अस्वीकार्य बताया है। GCC ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मांग की है कि वे इन हमलों को रोकने के लिए ठोस और कड़े कदम उठाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को टाला जा सके और जवाबदेही तय हो सके।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.