खलिज देशों में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है क्योंकि ईरान ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। इस हमले के बाद इराक के विदेश मंत्रालय ने कड़ी नाराजगी जताई है और इसे क्षेत्र की शांति के लिए खतरा बताया है। दुनिया भर के कई बड़े देशों ने ईरान की इस हरकत की निंदा की है।
ईरान ने किन ठिकानों को बनाया निशाना
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने खुद इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। ईरान ने बताया कि उन्होंने इन देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर पलटवार किया है। ईरान ने बहरीन के शेख ईसा एयर बेस, कुवैत के अली अल सलेम और अहमद अल-जाबर एयरबेस और जॉर्डन के अल-अज़रक एयर बेस पर हमले किए। यह हमला अमेरिका द्वारा ईरान के अंदर किए गए हमलों के जवाब में किया गया।
हमलों का असर और नुकसान
इन हमलों की वजह से अलग-अलग देशों में अलग-अलग स्थिति रही:
- जॉर्डन: यहाँ की सेना ने ईरान की ओर से आई 20 मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया। मलबे के गिरने से कुछ नुकसान हुआ लेकिन कोई जान-माल की हानि नहीं हुई।
- बहरीन: यहाँ स्थिति थोड़ी चिंताजनक रही। गृह मंत्रालय के मुताबिक, ड्रोन हमले के बाद गिरे मलबे से एक 11 साल की बच्ची को मामूली चोटें आईं। साथ ही हमद टाउन और मनामा में कई घरों और कारों को नुकसान पहुँचा।
- कुवैत: हमले के दौरान कुवैत ने कुछ समय के लिए अपना हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद कर दिया था। हालांकि, बाद में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने बताया कि हवाई यातायात सामान्य हो गया है। इससे पहले 3 जून को हुए हमले में कुवैत एयरपोर्ट पर एक व्यक्ति की मौत हुई थी और 63 लोग घायल हुए थे।
दुनिया भर के देशों ने जताई नाराजगी
ईरान के इस कदम के बाद कई देशों और संगठनों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है:
- इराक: इराक के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार, 11 जून 2026 को बयान जारी कर हमलों की निंदा की और कहा कि इससे अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा है।
- सऊदी अरब और UAE: सऊदी अरब ने इसे क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने वाला कदम बताया। वहीं UAE ने कहा कि ये हमले किसी देश की संप्रभुता का उल्लंघन हैं।
- अन्य देश: कतर, मिस्र और अल्जीरिया ने भी अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन की बात कही और शांति बनाए रखने की अपील की।
- GCC और अरब संसद: GCC के महासचिव जासेम मोहम्मद अलबुदईवी ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन को अपना पूरा समर्थन दिया। अरब संसद ने भी इसे पड़ोसी देशों के साथ अच्छे व्यवहार के खिलाफ बताया।
- फिलिस्तीन: फिलिस्तीनी विदेश मंत्रालय ने भी कहा कि अरब देशों की स्थिरता पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए जरूरी है।
