क्षेत्रीय तनाव के बीच 13 जुलाई 2026 को ईरान के IRGC ने कुवैत और बहरीन में सैन्य ठिकानों पर हमला करने का दावा किया है। ईरान का कहना है कि उन्होंने Ali Al-Salem Air Base पर ईंधन टैंक और पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। इसके साथ ही Ahmed Al-Jaber Air Base पर स्थित रडार सिस्टम को भी निशाना बनाया गया है।
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हमले का दायरा और सरकारी प्रतिक्रिया
ईरान ने बहरीन के Sheikh Isa Air Base पर भी हमले की बात कही है, जिसमें हेलिकॉप्टर रखरखाव केंद्र और ड्रोन कमांड सेंटर को निशाना बनाया गया। इन हमलों से पहले 12 जुलाई को कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी थी कि उनके सीमावर्ती इलाकों और एक तेल ड्रिलिंग प्लेटफॉर्म पर हमला हुआ, जिसमें एक कर्मचारी घायल हुआ और भारी नुकसान हुआ। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इसे अपनी संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन बताया है।
तनाव का असर और मौजूदा स्थिति
बहरीन के आंतरिक मंत्रालय ने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। Bahrain Defence Force ने पुष्टि की है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने कई ईरानी हवाई हमलों को हवा में ही रोक दिया। दूसरी ओर अमेरिका ने ईरान की समुद्री गतिविधियों को रोकने के लिए जवाबी हमले तेज कर दिए हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी हमलों की निंदा करते हुए कहा कि इससे हाल के महीनों की सभी राजनयिक कोशिशें अब बेकार हो गई हैं।
