कुवैत में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं क्योंकि वहां के बिजली और पानी के प्लांट पर लगातार हमले हो रहे हैं। 18 जुलाई 2026 को हुई ताजा घटना के बाद से आम लोगों को बिजली की खपत कम करने की सलाह दी गई है। इससे एक दिन पहले यानी 17 जुलाई को हुए हमले में प्लांट में आग लग गई थी और भारी नुकसान हुआ था।

ईरान ने ली हमले की जिम्मेदारी

कुवैत के Ministry of Electricity, Water and Renewable Energy ने इन हमलों को ईरानी आक्रामकता बताया है। खबरों के अनुसार ईरान के सरकारी टेलीविजन ने इन हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए इसे जवाबी कार्रवाई बताया है। स्थिति को संभालने के लिए Kuwait Fire Force और अन्य इमरजेंसी टीमें लगातार काम कर रही हैं ताकि ग्रिड को सुरक्षित रखा जा सके।

UN के नियमों का उल्लंघन

ये हमले 11 मार्च 2026 को अपनाए गए UN Security Council Resolution 2817 का उल्लंघन करते हैं। इस प्रस्ताव को बहरीन ने GCC और जॉर्डन की तरफ से पेश किया था, जिसमें ईरान को नागरिक ठिकानों और महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले रोकने के लिए कहा गया था। कतर ने भी इन हमलों की निंदा की है और अपने क्षेत्र में ईरानी हवाई हमलों को नाकाम करने की पुष्टि की है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com