क्षेत्र में तनाव के बीच 18 जुलाई 2026 को ईरान ने कुवैत और सऊदी अरब के कई अहम ठिकानों पर हमले किए। इन हमलों में बिजली और पानी के संयंत्रों के साथ-साथ बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। कुवैत सरकार ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताते हुए इसे गंभीर खतरा करार दिया है। सुरक्षा कारणों से Kuwait International Airport पर फिलहाल सभी उड़ानें रोक दी गई हैं।
हमले के बाद की स्थिति
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया कि उन्होंने कुवैत में Al-Adiri कैंप और Ali Al-Salem बेस के साथ-साथ जॉर्डन में भी अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। वहीं, सऊदी अरब ने कुवैत के समर्थन में खड़े होकर इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। GCC के महासचिव Jasem Mohamed Albudaiwi ने इसे युद्ध अपराध बताते हुए अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता टकराव
पिछले 7 दिनों से अमेरिका लगातार ईरान के सैन्य ठिकानों और हथियारों के गोदामों पर हमले कर रहा है। ईरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी IRNA के अनुसार, अमेरिकी हमलों में अब तक 3 लोगों की मौत हुई है और 8 लोग घायल हुए हैं। हालात को देखते हुए कुवैत ने अपनी सुरक्षा बढ़ाने के लिए यूएन चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत जरूरी कदम उठाने की बात कही है। इस तनाव का सीधा असर आम लोगों की दिनचर्या और हवाई यात्रा पर पड़ रहा है।
