मिडिल ईस्ट में हालात काफी खराब होते दिख रहे हैं। इजरायल द्वारा ईरान के मुख्य गैस फील्ड पर हमले के जवाब में अब ईरान ने खाड़ी के दूसरे देशों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। 19 मार्च 2026 को ईरान ने सऊदी अरब, कतर और कुवैत के महत्वपूर्ण तेल और गैस ठिकानों पर बड़े हमले किए हैं। इन हमलों से पूरे खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा संकट गहराने का खतरा पैदा हो गया है और प्रवासियों के बीच भी डर का माहौल है।

ईरान ने किन देशों और ठिकानों को बनाया निशाना?

ईरान की तरफ से किए गए हमलों में सऊदी अरब, कतर और कुवैत की एनर्जी सप्लाई को भारी नुकसान पहुंचा है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार इन जगहों पर हमले हुए हैं:

  • Saudi Arabia: रेड सी रिफाइनरी पर हमला हुआ और गैस ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की गई।
  • Qatar: Ras Laffan Industrial City में LNG प्लांट में मिसाइल हमले के बाद भीषण आग लग गई।
  • Kuwait: दो प्रमुख तेल रिफाइनरी पर सीधे हमले किए गए।
  • UAE: सुरक्षा कारणों से Habshan गैस प्लांट और Bab फील्ड को बंद करना पड़ा।

इस तनाव का सीधा असर खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीय प्रवासियों और दूसरे देशों के कामगारों पर पड़ रहा है, क्योंकि ऊर्जा क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को वहां से हटने की चेतावनी दी गई है।

अमेरिका और इजरायल की इस पर क्या है प्रतिक्रिया?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस स्थिति पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि अगर ईरान ने कतर के गैस ठिकानों पर हमले नहीं रोके, तो अमेरिका ईरान के South Pars गैस फील्ड को पूरी तरह से तबाह कर देगा। वहीं इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा है कि उनकी सेना अमेरिका की मदद से तेहरान के दिल में हमले कर रही है। दूसरी तरफ ईरान के राष्ट्रपति का कहना है कि अगर उनके ठिकानों को फिर से निशाना बनाया गया तो इसके परिणाम पूरी दुनिया के लिए अनियंत्रित होंगे।

देश प्रभावित सुविधा वर्तमान स्थिति
Saudi Arabia Red Sea Refinery नुकसान की खबर
Qatar Ras Laffan LNG भारी आग और नुकसान
Kuwait Two Refineries मिसाइल हमला हुआ
UAE Habshan Gas Facility सावधानी के लिए बंद