ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स IRGC ने 21 जुलाई 2026 को खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर बड़े हमले का दावा किया है। इस कार्रवाई में जॉर्डन और बहरीन में मौजूद अमेरिकी संपत्तियों को मुख्य रूप से निशाना बनाया गया है। ईरान का कहना है कि यह हमला हाल ही में अमेरिका द्वारा किए गए हमलों का जवाब है।
जॉर्डन और कुवैत में भारी नुकसान
ईरान की ओर से ‘ऑपरेशन नस्र 2’ के तहत जॉर्डन के एक एयरबेस पर मिसाइल हमला किया गया। अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि जॉर्डन के मुवाफ्फक साल्टी एयर बेस पर मौजूद AN/TPY-2 रडार सिस्टम पूरी तरह नष्ट हो गया है। इसके अलावा, जॉर्डन में एक एफ-15 विमान के हैंगर को भी भारी नुकसान पहुंचा है। कुवैत में भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों और पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई हैं।
बढ़ता जा रहा है युद्ध का खतरा
यह तनाव पिछले कई दिनों से जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी है कि ईरान को अमेरिकी सैनिकों की मौत की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। संघर्ष की शुरुआत से अब तक करीब 18 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है और लगभग 100 सैनिक घायल हुए हैं। ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने इसे पूर्ण युद्ध की स्थिति बताया है। वहीं, बहरीन में स्थित अमेजन के डेटा सेंटर पर हमले का दावा अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया गया है और न ही इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आई है।
