ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर गहरा गया है। 24 जुलाई 2026 को ईरान के सैन्य बलों और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने Bahrain, Jordan और Kuwait में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाते हुए ड्रोन और मिसाइलें दागीं। ईरान ने इसे अमेरिका द्वारा हाल ही में किए गए हमलों का बदला बताया है।
ℹ: Bahrain में बढ़ा तनाव: ईरान के संभावित हमले के बीच बजे सायरन, US सैन्य अड्डों को बनाया गया निशाना।
हमले की पूरी जानकारी
ईरान ने दावा किया कि उसने Bahrain के Isa Air Base पर ‘Arash kamikaze’ ड्रोन से हमला किया, जिससे वहां के फ्यूल टैंक, गोदामों और अमेरिकी बैरकों को नुकसान पहुँचा। Bahrain प्रशासन ने माना कि वहां धमाके हुए थे और चेतावनी सायरन भी बजे थे। सरकार का कहना है कि सुरक्षा बलों ने ईरान के कई हवाई हमलों को हवा में ही नाकाम कर दिया और कोई जनहानि नहीं हुई। इसी तरह, Jordan की सेना ने भी पुष्टि की कि उन्होंने ईरान की 7 मिसाइलों और 6 ड्रोन को नष्ट कर दिया है, जिससे वहां कोई नुकसान नहीं हुआ।
आगे की स्थिति और चेतावनी
ईरान ने Kuwait के कई सैन्य ठिकानों जैसे Camp Udairi, Camp Doha, Camp Arifjan और Ali Al Salem Air Base को भी निशाने पर लेने का दावा किया है। ईरान के सैन्य कमांडर अली अब्दुल्लाही ने अमेरिकी सैनिकों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि वे इन इलाकों से दूर रहें। इस बीच, GCC देशों और Jordan ने एक साझा बयान जारी कर इन हमलों की निंदा की है और कहा है कि फरवरी के अंत से ही उनके क्षेत्रों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले तेज हो गए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने अभी इन हमलों पर कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है।
