खाड़ी देशों में अमेरिका के सैन्य ठिकाने ईरान के हमलों की वजह से बुरी तरह तबाह हो गए हैं। CNN की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कुवैत के कैंप बुह्रिंग जैसे बड़े अमेरिकी सैन्य केंद्र अब लगभग खाली और खंडहर बन चुके हैं। ईरान ने ड्रोन और मिसाइलों के जरिए अमेरिका को ऐसा झटका दिया है जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी और इसे अब अमेरिका की कमजोरी माना जा रहा है।

ईरान के हमलों में क्या-क्या तबाह हुआ और कितना नुकसान हुआ?

ईरान ने कुल 16 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जिनमें सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन, कतर, यूएई, जॉर्डन और इराक जैसे देश शामिल थे। इस हमले से हुए नुकसान की जानकारी इस प्रकार है:

  • कुल खर्च: केवल बुनियादी ढांचे की मरम्मत में 5 अरब डॉलर से ज्यादा का खर्च आ सकता है।
  • विमान का नुकसान: सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर एक महंगा बोइंग E-3 सेंट्री विमान पूरी तरह नष्ट हो गया।
  • बहरीन बेस: अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय को भारी नुकसान पहुँचा है, जिसे ठीक करने में करीब 200 मिलियन डॉलर लगेंगे।
  • अन्य ठिकाने: कतर के अल उदीद एयर बेस का रनवे और कुवैत के अली अल सालेम एयर बेस के गोदाम तबाह हो गए।

हमले कैसे हुए और जान-माल का क्या हाल है?

ईरान ने इस हमले के लिए ड्रोन, मिसाइल और एक F-5 फाइटर जेट का इस्तेमाल किया। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने सटीक निशाना लगाने के लिए चीन के TEE-014 सैटेलाइट की मदद ली। इस पूरे संघर्ष के दौरान 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई और करीब 400 घायल हुए, जिनमें से 90 प्रतिशत सैनिक अब ड्यूटी पर वापस लौट आए हैं।

कुवैत के कैंप बुह्रिंग पर ईरान के फाइटर जेट ने हमला किया, जो कई सालों में पहली बार हुआ है जब किसी दुश्मन विमान ने अमेरिकी बेस को मारा हो। पेंटागन ने सुरक्षा कारणों से पूरे नुकसान का खुलासा नहीं किया है, लेकिन आंतरिक सूत्रों ने इसे अब तक का सबसे बड़ा और अप्रत्याशित नुकसान बताया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान के हमलों में कुल कितने अमेरिकी ठिकाने प्रभावित हुए?

ईरान ने 8 अलग-अलग देशों में स्थित कुल 16 अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया, जिनमें से कुछ अब पूरी तरह अनुपयोगी हो गए हैं।

इस हमले में अमेरिका को कितना आर्थिक नुकसान हुआ है?

बुनियादी ढांचे की मरम्मत में ही 5 अरब डॉलर से अधिक का खर्च आने का अनुमान है, जबकि बहरीन के मुख्यालय की मरम्मत के लिए अलग से 200 मिलियन डॉलर लगेंगे।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com