अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया है। इस हमले के बाद सऊदी अरब, यूएई, कतर और कुवैत में स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई है। ईरान ने साफ किया है कि उसने यह मिसाइलें अरब देशों पर नहीं बल्कि वहां मौजूद अमेरिकी ठिकानों के लिए चलाई थीं। इस घटना के बाद कई देशों ने अपने हवाई क्षेत्र बंद कर दिए हैं और लोगों को सुरक्षा के लिहाज से सतर्क रहने को कहा गया है।

किन जगहों पर गिरे मिसाइल और कितना हुआ नुकसान?

ईरान ने ‘ट्रूथफुल प्रॉमिस 4’ ऑपरेशन के तहत खाड़ी देशों में स्थित कई प्रमुख अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया है। इसमें कतर का अल-उदैद एयर बेस, कुवैत का अली अल-सलेम एयर बेस और यूएई का अल-धफरा एयर बेस शामिल है। इसके अलावा बहरीन में अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय और सऊदी अरब के रियाद व पूर्वी क्षेत्रों में भी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।

इस हमले के कारण अबू धाबी में मिसाइल का मलबा गिरने से एक एशियाई नागरिक की मौत की खबर है। बहरीन में भी अमेरिकी नौसेना के दफ्तर के पास धुंआ देखा गया है। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि उन्होंने अपने हवाई क्षेत्र में आने वाली कई मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया।

फ्लाइट्स और आम लोगों पर इसका क्या असर पड़ा है?

इस हमले के तुरंत बाद सुरक्षा को देखते हुए दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट समेत यूएई, कतर, बहरीन और कुवैत के हवाई क्षेत्र को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया। इसके चलते सैकड़ों उड़ानें या तो रद्द हो गई हैं या उन्हें दूसरे रास्तों पर डायवर्ट कर दिया गया है, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है।

कतर में सरकार ने स्कूलों और कॉलेजों को बंद कर ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करने का आदेश दिया है। भारत समेत कई देशों के दूतावासों ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है और उन्हें बेवजह बाहर न निकलने और घरों में सुरक्षित रहने की सलाह दी है। यूएई सरकार ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि खाने-पीने की चीजों की कोई कमी नहीं है, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है।

सऊदी अरब और खाड़ी देशों का क्या कहना है?

सऊदी अरब, यूएई, कतर और कुवैत ने पहले ही अमेरिका को साफ कर दिया था कि वे अपनी जमीन या हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल ईरान पर हमला करने के लिए नहीं करने देंगे। इसके बावजूद हुए इस हमले को सऊदी विदेश मंत्रालय ने ‘कायरतापूर्ण’ बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की थी कि उनकी जमीन युद्ध का मैदान न बने।

वहीं, ओमान इस पूरे मामले में एक मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और उसने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है। ईरान ने भी ओमान पर कोई हमला नहीं किया है। फिलहाल सभी खाड़ी देशों की सेनाएं हाई अलर्ट पर हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com