ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी टेक कंपनियों के ठिकानों पर हमले शुरू कर दिए हैं। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक 2 अप्रैल को बहरीन में Amazon के डेटा सेंटर और 3 अप्रैल को दुबई में Oracle के डेटा सेंटर पर हमले हुए हैं। ईरान ने Apple, Google और Tesla जैसी बड़ी कंपनियों को भी निशाना बनाने की धमकी दी है। अमेरिका ने जवाब में कहा है कि उसकी सेना किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है और ईरान को जल्द ही सरेंडर करना होगा।

इन बड़ी कंपनियों और शहरों पर मंडरा रहा है खतरा

ईरान की तरफ से जारी बयानों में अमेरिकी इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनियों को मुख्य निशाना बताया गया है। इन कंपनियों के कर्मचारियों को तुरंत दफ्तर खाली करने के लिए कहा गया है और आस-पास के निवासियों को दूर रहने की सलाह दी गई है।

तारीख कंपनी/जगह घटना
2 अप्रैल 2026 Amazon (बहरीन) डेटा सेंटर पर हमला हुआ
3 अप्रैल 2026 Oracle (दुबई, UAE) डेटा सेंटर पर हमला हुआ
1 अप्रैल 2026 Apple, Google, Tesla हमले की धमकी दी गई

प्रवासियों और कर्मचारियों पर क्या होगा असर?

खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह खबर काफी गंभीर है। कई अमेरिकी कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को सुरक्षा के लिए घर से काम करने की सलाह दी है। दुबई और बहरीन जैसे शहरों में इन कंपनियों के दफ्तरों के पास रहने वाले लोगों को भी सावधानी बरतने को कहा गया है। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा है कि उनकी तैयारी पूरी है और वे ईरान के हर हमले को नाकाम करने की ताकत रखते हैं। फिलहाल कई टेक कंपनियों ने अपनी बिजनेस ट्रैवल पर पाबंदी लगा दी है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।