ईरान की राजधानी तेहरान में देश के दिवंगत नेता अयतुल्लाह अली खामेनेई के लिए विदाई समारोह शुरू हो गया है। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में देश-विदेश से करोड़ों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। सरकार ने इस बड़े आयोजन के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और कई जरूरी पाबंदियां लगाई हैं।
IRNA न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, विदाई समारोह की शुरुआत 4 जुलाई 2026 को हुई। अयतुल्लाह अली खामेनेई 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इसराइल के हमलों में शहीद हुए थे। ईरान सरकार ने उनके सम्मान में छह दिनों के सार्वजनिक शोक और अंतिम संस्कार के कार्यक्रम की घोषणा की है।
अंतिम संस्कार का पूरा शेड्यूल
यह विदाई कार्यक्रम ईरान के कई शहरों और इराक तक फैला हुआ है। इसका पूरा विवरण इस प्रकार है:
- 4 और 5 जुलाई 2026: तेहरान के ग्रैंड मोसाल्ला (Imam Khomeini Grand Mosalla) में विदाई समारोह।
- 6 जुलाई 2026: तेहरान में अंतिम संस्कार जुलूस निकाले जाएंगे।
- 7 जुलाई 2026: पवित्र शहर কোম (Qom) में कार्यक्रम आयोजित होंगे।
- 8 जुलाई 2026: इराक के नजफ और कर्बला शहरों में विदाई समारोह होंगे।
- 9 जुलाई 2026: मशहद में अंतिम संस्कार और दफन प्रक्रिया पूरी होगी, जहां उन्हें इमाम रजा श्राइन में दफनाया जाएगा।
करोड़ों लोगों का जुटना और सरकारी तैयारी
ईरानी अधिकारियों का अनुमान है कि इस समारोह में 1.5 करोड़ से 2 करोड़ लोग शामिल होंगे। यह ईरान के इतिहास का सबसे बड़ा राजकीय अंतिम संस्कार होगा। समारोह की तैयारी देख रहे ब्रिगेडियर जनरल हसन हसनजादेह ने इसे एक ऐतिहासिक घटना बताया है। प्रशासन ने बुजुर्गों, बीमारों और बच्चों के लिए विशेष व्यवस्था की है और मेडिकल टीमें तैनात की हैं।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन और सेना प्रमुख मेजर जनरल आमिर हातमी ने आम जनता से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। सेना प्रमुख ने कहा कि इतनी बड़ी भीड़ दुश्मनों को निराश करेगी और देश के संकल्प को मजबूती देगी।
सुरक्षा इंतजाम और अंतरराष्ट्रीय असर
तेहरान में सुरक्षा बहुत बढ़ा दी गई है। शनिवार से सोमवार तक सभी सरकारी और प्राइवेट ऑफिस बंद रहेंगे। शहर के बीच के इलाकों में ट्रैफिक पर पाबंदी लगाई गई है। हवाई क्षेत्र (Airspace) को शुक्रवार से आंशिक रूप से और सोमवार को पूरी तरह बंद रखा जाएगा।
इस मौके पर रूस, तुर्की और पाकिस्तान समेत करीब 100 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। रूस के दिमित्री मेदवेदेव भी तेहरान पहुंच चुके हैं। वहीं, ईरान ने अमेरिका और इसराइल को चेतावनी दी है कि अगर अंतिम संस्कार के दौरान कोई हमला हुआ, तो उसका करारा जवाब दिया जाएगा। इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत को फिलहाल रोक दिया गया है।
