ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार को लेकर आधिकारिक कार्यक्रम की घोषणा कर दी गई है। सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, अंतिम संस्कार की रस्में तेहरान, कौम और मशहद में आयोजित की जाएंगी। उनकी वसीयत के अनुसार, उन्हें मशहद में इमाम रज़ा के पवित्र दरगाह में दफनाया जाएगा। सुरक्षा कारणों से पहले टाले गए इस कार्यक्रम में अब देश और दुनिया से भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है।
अंतिम संस्कार का पूरा कार्यक्रम और तारीखें क्या हैं
ईरान के अधिकारियों ने बताया कि अंतिम विदाई और रस्मों के लिए तीन दिनों का सार्वजनिक कार्यक्रम तय किया गया है। इसकी तैयारियां तेजी से चल रही हैं।
- तेहरान में जुलूस: राजधानी तेहरान में होने वाला जनाजे का जुलूस बेहद भव्य होगा और इसके कम से कम 24 घंटे तक चलने की संभावना है।
- दफनाने की जगह: अयातुल्ला खामेनेई को उनकी इच्छा के अनुसार पूर्वी ईरान के मशहद में स्थित पवित्र इमाम रज़ा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
- तय समय: यह पूरा आयोजन इस्लामी कैलेंडर के 12वें महीने ज़ू अल-हिज्जा के अंत में यानी 21 जून 2026 के आसपास आयोजित किया जाएगा।
2 करोड़ लोगों के जुटने की उम्मीद और सुरक्षा व्यवस्था
तेहरान के सामाजिक और सांस्कृतिक मामलों के उप महापौर मोहम्मद अमीन तवाक्कोली-ज़ादेह ने जानकारी दी कि प्रशासन केवल राजधानी तेहरान में ही 1.5 करोड़ से 2 करोड़ लोगों के शामिल होने की तैयारी कर रहा है। इसके साथ ही पड़ोसी देशों और मुस्लिम दुनिया से भी कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों के आने की उम्मीद है। भीड़ को संभालने के लिए एक विशेष मुख्यालय बनाया गया है जो अर्बाइन तीर्थयात्रा जैसी सुरक्षा व्यवस्था लागू करेगा।
इससे पहले मार्च 2026 में होने वाले अंतिम संस्कार को सुरक्षा कारणों और क्षेत्र में जारी तनाव के चलते आगे बढ़ा दिया गया था। अयातुल्ला खामेनेई का निधन 28 फरवरी 2026 को हुआ था, जिसके बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता नियुक्त किया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अयातुल्ला खामेनेई को कहां दफनाया जाएगा?
अयातुल्ला खामेनेई को उनकी वसीयत के अनुसार पूर्वी ईरान के मशहद में स्थित पवित्र इमाम रज़ा दरगाह में दफनाया जाएगा।
तेहरान में होने वाले अंतिम संस्कार में कितने लोगों के आने की उम्मीद है?
अधिकारियों के अनुसार, केवल राजधानी तेहरान में होने वाले कार्यक्रम में ही करीब 1.5 करोड़ से 2 करोड़ लोगों के शामिल होने का अनुमान लगाया गया है।
