ईरान की राजधानी Tehran में अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार की अंतिम विदाई के लिए लाखों लोगों का हुजूम उमड़ा है। इस विशाल जनाजे में शामिल होने के लिए देश भर से लोग बड़ी संख्या में पहुंचे हैं। पूरे ईरान में गम का माहौल है और लोग अपने दिवंगत नेता को आखिरी सलाम कर रहे हैं।

IRNA न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, इस अंतिम यात्रा में करोड़ों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। ईरानी अधिकारियों का अनुमान है कि देशभर से लगभग 10 से 15 मिलियन लोग इस शोक सभा में हिस्सा लेंगे। सरकार ने लोगों की सुविधा के लिए आने-जाने के साधन, खाना और रहने का इंतज़ाम किया है। Tehran के Imam Khomeini Grand Mosalla में भारी भीड़ देखी गई है।

हमले और परिवार की जानकारी

बता दें कि अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत 28 फरवरी 2026 को एक हमले में हुई थी। यह हमला US और Israel के एक संयुक्त ऑपरेशन के दौरान हुआ था। इस हमले में उनके साथ उनकी बेटी, दामाद, बहू और पोता भी मारे गए थे। उनकी पत्नी Mansoureh Khojasteh Bagherzadeh भी इस हमले में घायल हुई थीं और कुछ दिनों बाद उनकी भी मौत हो गई।

सरकारी नियम और छुट्टियां

ईरान सरकार ने इस घटना के बाद 40 दिनों के शोक और एक हफ्ते की सार्वजनिक छुट्टी का ऐलान किया है। 5 और 6 जुलाई 2026 को पूरे देश में कामकाज बंद रखा गया है। इस दौरान सड़कों और हवाई क्षेत्र पर कई पाबंदियां लगाई गई हैं ताकि सुरक्षा बनी रहे।

विदेशों से आए मेहमान

इस अंतिम संस्कार में 30 से ज़्यादा गैर-पश्चिमी देशों के प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए हैं। इसमें रूस के पूर्व राष्ट्रपति Dmitry Medvedev, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और अफगानिस्तान के विदेश मंत्री भी शामिल थे। सऊदी अरब के डिप्टी विदेश मंत्री Waleed El Khereiji के साथ भारत से बिहार के राज्यपाल भी इस मौके पर मौजूद रहे।

ताज़ा अपडेट

6 जुलाई को तेहरान में निकली अंतिम यात्रा के दौरान लोगों ने अमेरिका और इसराइल के खिलाफ जमकर नारे लगाए। कई लोगों ने बैनर भी पकड़े हुए थे जिनमें बदले की बात कही गई थी। वहीं, US ने इस अंतिम संस्कार के बाद ईरान के साथ अपनी बातचीत को एक हफ्ते के लिए रोकने का फैसला किया है। Revolutionary Guard के जनरल Ahmad Vahidi भी लंबे समय बाद पहली बार जनता के सामने नज़र आए।

अंतिम विदाई का शेड्यूल

  • 3, 4 और 6 जुलाई: Tehran में मुख्य जुलूस।
  • अगला पड़ाव: Qom शहर में रस्में।
  • इराक़ के शहर: Baghdad, Karbala और Najaf में समारोह।
  • 9 जुलाई: Mashhad में अंतिम दफन।