ईरान अपने पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खमेनेई के लिए अब तक के सबसे बड़े राजकीय अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा है। यह ऐतिहासिक आयोजन 4 जुलाई से 9 जुलाई 2026 तक चलेगा। इसमें करीब 1.5 से 2 करोड़ लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।

अयातुल्ला अली खमेनेई की मौत 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजराइल के एक साझा सैन्य ऑपरेशन के दौरान हुई थी। ईरान की सरकार ने 1 मार्च 2026 को उनकी मौत की आधिकारिक पुष्टि की थी। उनके निधन के बाद उनके बेटे Mojtaba Khamenei को नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया है।

सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) के सचिव Mohammad Baqer Zolqadr ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि इस हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने इसे ईरान की एक ऐसी राष्ट्रीय प्राथमिकता बताया जिसे बदला नहीं जा सकता।

अंतिम संस्कार का पूरा कार्यक्रम

सुरक्षा कारणों और नेतृत्व परिवर्तन की वजह से इस कार्यक्रम को चार महीने से ज़्यादा टाल दिया गया था। अब यह कार्यक्रम इस तरह तय किया गया है:

  • 4 और 5 जुलाई: तेहरान के Mosalla प्रार्थना परिसर में पार्थिव शरीर को रखा जाएगा ताकि लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे सकें।
  • 6 जुलाई: तेहरान की सड़कों पर एक विशाल सार्वजनिक जुलूस निकाला जाएगा।
  • 7 जुलाई: Qom शहर में जुलूस का आयोजन होगा।
  • 8 जुलाई: इराक के पवित्र शहरों Najaf और Karbala में कार्यक्रम होंगे। इसके लिए ईरान के विदेश मंत्री Abbas Ragi सुरक्षा और व्यवस्था देखने बगदाद गए हैं।
  • 9 जुलाई: Mashhad में इमाम रज़ा के मज़ार पर उन्हें दफ़न किया जाएगा, जो उनका जन्मस्थान है।

इस अंतिम संस्कार में 30 से ज़्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। बांग्लादेश की नेशनल पार्लियामेंट के स्पीकर Bir Bikram Hafiz Uddin Ahmad भी इस जनाज़े में शामिल होने के लिए 2 जुलाई 2026 को ढाका से रवाना हुए। इस बात को लेकर चर्चा है कि क्या नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आएंगे और नमाज़-ए-जनाज़ा की अगुवाई करेंगे, लेकिन अभी तक सरकार ने इस पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए हैं। पुराने अनुभवों को देखते हुए इस बार भीड़ प्रबंधन पर खास ध्यान दिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि भीड़ को संभालने और ताबूत को सुरक्षित रूप से ले जाने के लिए हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.