ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खमेनेई के निधन के बाद देशभर में उनके अंतिम संस्कार के लिए करोड़ों लोग सड़कों पर उतरे हैं। यह सरकारी आयोजन छह दिनों तक चलेगा, जिसमें ईरान के कई बड़े शहरों के लोग हिस्सा ले रहे हैं। अयातुल्ला अली खमेनेई की मौत 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इसराइल के हमलों के दौरान हुई थी।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस आयोजन में करीब 1.5 करोड़ से 3 करोड़ लोग शामिल होंगे। यह कार्यक्रम तेहरान, কোম, इस्फ़हान और शिराज़ जैसे पांच शहरों में आयोजित किया जा रहा है। अंत में 9 जुलाई 2026 को उनका दफ़न उनके जन्मस्थान मशहद में किया जाएगा।

6 जुलाई को तेहरान में निकले जनाजे में भारी भीड़ देखी गई। Financial Times की रिपोर्ट के अनुसार, यहां करीब 1.2 करोड़ से 1.5 करोड़ लोग जुटे थे। तेहरान के नगर परिवहन विभाग ने बताया कि भीड़ को संभालने के लिए तीन दिनों में करीब 2.37 करोड़ यात्रियों को ले जाया गया।

भीड़ में मौजूद लोग हाथों में तस्वीरें और लाल रंग के बैनर लेकर चल रहे थे। लोगों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ नारे लगाए, जिन्होंने इस हमले का आदेश दिया था।

विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार ने इस आयोजन को बड़ा बनाने के लिए लोगों को सस्ता खाना, रहने की जगह और ट्रांसपोर्ट की सुविधा दी थी। इस कदम से बड़ी संख्या में लोग अपने नेता को अंतिम विदाई देने के लिए बाहर निकले।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.