ईरान के शहर मशहद में आज लाखों लोग पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह सैयद अली खमेनी के अंतिम संस्कार के लिए इकट्ठा हुए। यह भीड़ इतनी ज़्यादा थी कि कार्यक्रम के समय को सुबह 6 बजे से बदलकर दोपहर 2 बजे करना पड़ा। पूरी दुनिया की नज़रें अब ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव पर टिकी हैं।
मशहद के गवर्नर हसन होसैनी के मुताबिक, इस समारोह में करीब 1.5 करोड़ लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। खमेनी के पार्थिव शरीर को उनके अनुरोध पर इमाम रज़ा के पवित्र मंदिर में दफनाया गया। इस मौके पर पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, आर्मेनिया, जॉर्जिया और तुर्कमेनिस्तान समेत 45 से ज़्यादा देशों के नेता और 90 देशों के धार्मिक विद्वान शामिल हुए। इराक के नजफ और कर्बला में भी लगभग 40 लाख लोगों ने जुलूस निकालकर शोक जताया।
ईरानी पुलिस फोर्स के अली शिराजी ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों का आना नए नेतृत्व और उत्तराधिकारी आयतुल्लाह सैयद मुजतबा खमेनी के प्रति लोगों की वफादारी को बताता है। खमेनी की मौत 28 फरवरी 2026 को उनके निवास पर हुए एक हमले में हुई थी, जिसके लिए ईरान ने अमेरिका और इसराइल को ज़िम्मेदार ठहराया है।
क्षेत्रीय तनाव और सैन्य हमले
शोक के बीच अब क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति बहुत खराब हो गई है। ईरान ने आज खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। यह कार्रवाई अमेरिका द्वारा 8 और 9 जुलाई को ईरान के तटीय और पूर्वी प्रांतों पर किए गए हमलों के जवाब में की गई। ईरानी अधिकारियों ने बताया कि अमेरिकी हमलों में 14 लोग मारे गए और 78 लोग घायल हुए।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के इन हमलों को युद्ध अपराध बताया है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ तीन हफ्ते पहले हुआ अंतरिम युद्धविराम अब खत्म हो गया है।
कल 10 जुलाई को কোম शहर में भी एक स्मारक समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसकी देखरेख नए सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह सैयद मुजतबा खमेनी करेंगे। मशहद में जनाजे की नमाज़ का नेतृत्व 101 वर्षीय आयतुल्लाह हुसैन नूरी हमदानी ने किया।
