समुद्र के अंदर अब जंग का तरीका बदलने वाला है. ईरान ने Azhdar नाम का ऐसा अंडरवॉटर ड्रोन बनाया है जिससे अमेरिकी नौसेना काफी परेशान है. वहीं अमेरिका की कंपनी Lockheed Martin ने Lamprey नाम का एक नया सब-ड्रोन तैयार किया है जो बड़े जहाजों के साथ चिपककर सफर करता है और जरूरत पड़ने पर चुपके से अपना मिशन पूरा करता है.
ईरान का Azhdar ड्रोन क्या है और यह कैसे काम करता है?
ईरान का Azhdar एक ऐसा अंडरवॉटर ड्रोन है जिसे पकड़ना बहुत मुश्किल है क्योंकि यह लगभग खामोश रहकर चलता है. इसमें लिथियम बैटरी का इस्तेमाल हुआ है और इसकी रफ्तार 18 से 50 नॉट तक हो सकती है. यह ड्रोन 600 किलोमीटर से ज्यादा दूर तक जा सकता है और 200 किलो विस्फोटक ले जाने में सक्षम है.
- यह ड्रोन 96 घंटे तक एक जगह छिपकर रह सकता है.
- इसका इस्तेमाल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ जैसे इलाकों में जहाजों को रोकने और हमले के लिए किया जाता है.
- ईरान इसे ‘मच्छर बेड़े’ की तरह इस्तेमाल कर बड़ी संख्या में हमला करने की योजना बनाता है.
Lockheed Martin का Lamprey ड्रोन क्या खास करता है?
Lockheed Martin ने Lamprey नाम का एक खास ड्रोन बनाया है जो ‘रेमोरा’ मछली की तरह काम करता है. यह ड्रोन किसी बड़े जहाज या पनडुब्बी के निचले हिस्से से चिपक जाता है और उसके साथ ही सफर करता है. इससे इसकी बैटरी बचती है और यह अपनी मंजिल तक बिना थके पहुँच जाता है.
- यह पानी के बहाव से बिजली बनाने वाले सिस्टम का उपयोग करता है जिससे इसकी बैटरी चार्ज रहती है.
- इसमें अलग-अलग तरह के हथियार जैसे टॉरपीडो या जासूसी उपकरण लगाए जा सकते हैं.
- यह समुद्र की गहराई में चुपचाप रहकर डेटा इकट्ठा कर सकता है और जरूरत पड़ने पर हवाई ड्रोन भी लॉन्च कर सकता है.
ताजा घटनाएँ और अमेरिका की जवाबी तैयारी
मार्च 2026 में ऐसी खबरें आईं कि ईरान के अंडरवॉटर ड्रोन ने कार्गो जहाजों पर हमले किए जिससे अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट की चिंता बढ़ गई है. इसके जवाब में अमेरिका और ब्रिटेन ने ‘REEF’ नाम का एक प्रोग्राम शुरू किया है ताकि इन अंडरवॉटर ड्रोन्स को रोका जा सके. इसके अलावा अमेरिका ने Ocean Aero Triton जैसे माइन-हंटिंग ड्रोन भी तैनात किए हैं ताकि समुद्र के अंदर छिपे खतरों को खत्म किया जा सके.
