ईरान ने अपने सबसे ऊंचे B-1 ब्रिज को फिर से बनाने का काम शुरू कर दिया है। यह पुल 2 अप्रैल 2026 को अमेरिकी हमलों की वजह से तबाह हो गया था। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने साफ कहा कि वे निर्माण तो करेंगे, लेकिन इस हमले को कभी माफ नहीं करेंगे।

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B-1 ब्रिज पर हमले का पूरा मामला क्या था?

यह पुल ईरान के Karaj शहर में स्थित है और इसे मध्य पूर्व का सबसे ऊंचा पुल माना जाता है। इसकी कुल लंबाई 1,050 मीटर और ऊंचाई 136 मीटर है। 2 अप्रैल 2026 को Sizdah Be-dar त्योहार के दौरान इस पर दो मिसाइलें दागी गई थीं। इस हमले में 8 से 13 आम लोगों की जान गई और करीब 150 लोग घायल हुए। अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति Donald Trump ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी और कहा था कि यह सैन्य रास्ता था, लेकिन ईरान ने इसे एक बड़ा अपराध बताया।

पुनर्निर्माण में कितना खर्च और समय लगेगा?

ब्रिज को दोबारा बनाने का काम 7 मई 2026 से शुरू हुआ है। ईरान की कंस्ट्रक्शन और ट्रांसपोर्ट डेवलपमेंट कंपनी के CEO Hooshang Bazvand ने बताया कि सबसे पहले मलबे को हटाने में एक हफ्ता लगेगा। इस प्रोजेक्ट से जुड़ी मुख्य जानकारी इस प्रकार है:

  • निर्माण का समय: इसे पूरी तरह तैयार होने में लगभग एक साल का समय लगेगा।
  • कुल खर्च: इस पूरे काम पर करीब 3.7 ट्रिलियन तोमन खर्च होंगे।
  • ठेकेदार: इस पुल का निर्माण पूरी तरह से ईरानी ठेकेदारों द्वारा ही किया जाएगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

B-1 ब्रिज की खासियत क्या है?

B-1 ब्रिज ईरान के Karaj में स्थित है और यह मध्य पूर्व का सबसे ऊंचा पुल है, जिसकी लंबाई 1,050 मीटर और ऊंचाई 136 मीटर है।

इस पुल पर हमला कब और क्यों हुआ था?

इस पर 2 अप्रैल 2026 को अमेरिकी मिसाइलों से हमला हुआ था। अमेरिका ने इसे सैन्य सप्लाई रूट बताया था, जबकि ईरान ने इसे नागरिकों पर किया गया हमला कहा।