मध्य-पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। ईरान ने शनिवार (27 जून) को बहरीन पर ताज़ा ड्रोन हमला किया, जिसमें बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।

क्यों हुआ यह हमला?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक जहाज को ड्रोन से निशाना बनाए जाने के बाद अमेरिका ने ईरान में कई ठिकानों पर रातभर हवाई हमले किए। इन अमेरिकी हवाई हमलों के जवाब में ईरान ने शनिवार को बहरीन पर ड्रोन हमला बोल दिया। ईरान ने साफ कहा कि इन हमलों का मकसद बहरीन में तैनात अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना था.

 

बहरीन ने की कड़ी निंदा

बहरीन के विदेश मंत्रालय ने 27 जून की सुबह ईरान द्वारा किए गए ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की और ईरान पर आरोप लगाया कि उसने अपने सैन्य ड्रोनों से बहरीन के क्षेत्र में घुसपैठ और हमला किया। फिलहाल किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।

लगातार जारी है हमलों का सिलसिला

यह ईरान का बहरीन पर पहला हमला नहीं है। इससे पहले जून 2026 के शुरुआती हफ्तों में भी ईरान ने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे थे। उस समय अमेरिकी सेना ने ईरान के ड्रोन और रडार साइटों पर पलटवार किया था।

 

खाड़ी में हाई अलर्ट

इस ताज़ा हमले के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भी एक जहाज पर अलग से हमला हुआ है, जिससे समुद्री मार्ग पर तनाव और बढ़ गया है। पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान के बीच यह संघर्ष लगातार गहराता जा रहा है और क्षेत्र में स्थिति अत्यंत नाज़ुक बनी हुई है।