मध्य पूर्व में तनाव उस समय और बढ़ गया जब ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने अमेरिकी सेना पर अचानक हमला करने की कोशिश की। 28 जुलाई 2026 को शाम 5:45 बजे ईरान की ओर से कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं, जिनका निशाना क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिक थे।
मिसाइलें नाकाम और सुरक्षा व्यवस्था अलर्ट
US Central Command (CENTCOM) ने जानकारी दी है कि ईरान की तरफ से दागी गई सभी मिसाइलों को बीच हवा में ही नष्ट कर दिया गया। इस घटना में किसी भी तरह का कोई नुकसान या हताहत होने की खबर नहीं है। हमले के बाद से अमेरिकी सेना पूरी तरह से मुस्तैद है और हाई अलर्ट पर काम कर रही है। रिपोर्टों के मुताबिक ये मिसाइलें संभवतः जॉर्डन में स्थित एक अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाकर छोड़ी गई थीं, लेकिन एयर डिफेंस सिस्टम ने उन्हें समय रहते रोक लिया।
कूटनीतिक बैठकों के बीच ईरान का दांव
यह हमला ऐसे समय में हुआ जब वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच अहम बैठक चल रही थी। जानकार इसे एक सोची-समझी रणनीति के तौर पर देख रहे हैं, क्योंकि ईरान अक्सर अमेरिका और इजरायल की ऐसी महत्वपूर्ण कूटनीतिक बैठकों के दौरान अपनी ताकत दिखाने की कोशिश करता है। इस घटना से पहले कुछ समय तक हालात शांत थे और मध्यस्थ शांति बहाली की कोशिश में जुटे थे।
