ईरान के दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास में 27 मई 2026 को तड़के करीब 1:30 बजे तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं। धमाकों के तुरंत बाद ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव हो गया और चारों तरफ हड़कंप मच गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस बात की पुष्टि की है कि उन्होंने इस इलाके में आत्मरक्षा में हवाई हमले किए हैं। यह पूरी घटना ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच एक नाजुक सीजफायर चल रहा था।
बंदर अब्बास में आधी रात को क्या हुआ था?
ईरानी मीडिया और अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों के अनुसार, बंदर अब्बास के पास करीब तीन बड़े धमाके सुने गए। धमाकों के बाद ईरानी अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी और एयर डिफेंस सिस्टम को कुछ मिनटों के लिए एक्टिव कर दिया गया। ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी ने बताया कि अब स्थिति नियंत्रण में है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है। हालांकि, कुछ अपुष्ट रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि इन अमेरिकी हमलों में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के चार सदस्य मारे गए हैं। इसके अलावा, एक एयर बेस पर भी मिसाइलें गिरने की खबर मिली है।
अमेरिकी सेना और ईरान सरकार ने क्या बयान दिया?
अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह से आत्मरक्षा में की गई थी। अमेरिकी सेना का कहना है कि उन्होंने मिसाइल लॉन्च साइटों और उन ईरानी नावों को निशाना बनाया जो होर्मुज जलडमरूमध्य के पास बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही थीं। दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय ने इसे सीजफायर का खुला उल्लंघन बताया है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने चेतावनी दी है कि मध्य पूर्व के देश अब अमेरिकी ठिकानों के लिए ढाल का काम नहीं करेंगे और ईरान अपनी रक्षा के लिए कोई भी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
क्या सीजफायर और बातचीत अब खतरे में है?
- नाजुक सीजफायर: दोनों देशों के बीच 8 अप्रैल से एक सीजफायर चल रहा था, जिसके बीच यह हमला हुआ है।
- ईरान की रेड लाइन्स: ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने साफ किया है कि यूरेनियम संवर्धन और होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण जैसे मुद्दों पर ईरान कोई समझौता नहीं करेगा।
- अमेरिका का रुख: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोहराया है कि ईरान के समृद्ध यूरेनियम को या तो नष्ट किया जाना चाहिए या अंतरराष्ट्रीय निगरानी में अमेरिका को सौंप दिया जाना चाहिए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान के बंदर अब्बास में धमाके कब और क्यों हुए?
यह धमाके 27 मई 2026 को तड़के करीब 1:30 बजे हुए। अमेरिकी सेना के अनुसार, उन्होंने अपने सैनिकों की सुरक्षा के लिए आत्मरक्षा में मिसाइल लॉन्च साइटों और ईरानी नावों पर हमले किए थे।
इन हमलों पर ईरान की सरकार ने क्या प्रतिक्रिया दी है?
ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को सीजफायर का गंभीर उल्लंघन बताया है और इसके लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है। ईरान की सेना ने एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराने का भी दावा किया है।