ईरान के सबसे बड़े पोर्ट शाहिद राजाई पर 26 अप्रैल 2025 को एक बहुत बड़ा धमाका हुआ है। यह घटना बंदर अब्बास शहर में हुई जहां रॉकेट फ्यूल जैसे ज्वलनशील पदार्थों से भरे कंटेनरों में आग लग गई थी। धमाका इतना जोरदार था कि इसका असर 50 किलोमीटर दूर तक महसूस किया गया और भूकंप जैसे झटके लगे। आसपास की इमारतों के शीशे टूट गए और आसमान में धुएं का विशाल गुबार कई मील दूर से देखा गया। चीन से आयात किए गए सोडियम परक्लोरेट के कंटेनर इस विस्फोट का मुख्य केंद्र बताए जा रहे हैं।

कितना हुआ नुकसान और कितने लोग घायल

ताजा जानकारी मिलने तक मरने वालों की संख्या 40 तक पहुंच गई है। इस भीषण हादसे में 1000 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 190 की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। बंदरगाह पर लगी आग को बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की टीमों को दो दिन तक लगातार मेहनत करनी पड़ी। हेलीकॉप्टर और पानी की भारी बौछारों के बावजूद आग कई बार दोबारा भड़क उठी। हालांकि, पोर्ट के कुछ हिस्सों में जहां नुकसान नहीं हुआ था, वहां काम आंशिक रूप से फिर से शुरू कर दिया गया है।

धमाके की वजह और अधिकारियों का बयान

ईरान के सांसद मोहम्मद सिराज ने इस घटना के लिए इजराइल और मोसाद को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने दावा किया कि पोर्ट पर चार अलग-अलग जगहों पर विस्फोटक पहले से लगाए गए थे। दूसरी तरफ, इजराइल के अधिकारियों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने हवाई सर्वेक्षण करके हालात का जायजा लिया। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह कोई साजिश थी या महज एक दुर्घटना। होर्मोज़गन प्रांत में प्रशासन ने तीन दिनों के शोक की घोषणा की है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.