हॉर्मूज जलडमरूमध्य में ईरान का बड़ा कदम, 45 टैंकर किए ब्लैकलिस्ट और नए ट्रांजिट नियम किए लागू.

Sushma Kumari24 August 20263 min read68 viewsWorld
हॉर्मूज जलडमरूमध्य में ईरान का बड़ा कदम, 45 टैंकर किए ब्लैकलिस्ट और नए ट्रांजिट नियम किए लागू.

ईरान ने समुद्री नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए 45 टैंकरों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है और हॉर्मूज जलडमरूमध्य में नौवहन के लिए नए ट्रांजिट नियम लागू किए हैं। इस नए फैसले से खाड़ी देशों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में हलचल मच गई है, जिससे खाड़ी क्षेत्र में काम करने वाले प्रवासियों और भारत आने-जाने वाले लोगों के लिए भी चिंता बढ़ गई है। फारस की खाड़ी जलडमरूमध्य प्राधिकरण (PGSA) ने 23 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया के जरिए इस बात की घोषणा की थी कि जो जहाज इन नए नियमों का पालन नहीं करेंगे, उन पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है और उनके जहाजों को जब्त भी किया जा सकता है।

नए ट्रांजिट नियम और अमेरिकी बलों पर प्रतिबंध

नए आदेश के तहत अब सभी कमर्शियल जहाजों और ऑयल टैंकरों को केवल ईरान के नेवल कंट्रोल अधिकारियों के निर्देशों का पालन करना होगा। इसका मतलब यह है कि अब अमेरिकी और अन्य सहयोगी देशों की समुद्री ताकतों की तरफ से मिलने वाली मदद या मार्गदर्शन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। जहाजों को अब अनिवार्य रूप से अपने ट्रांजिट आवेदन जमा करने होंगे और ईरान की तरफ से तय किए गए खास गलियारों का ही इस्तेमाल करना होगा। ईरान की इस सख्ती से खाड़ी के पानी में जहाजों की आवाजाही पर सीधा असर पड़ रहा है, और इसका असर उन कंपनियों पर भी पड़ रहा है जो यूएई और सऊदी अरब में कारोबार करती हैं।

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किन कंपनियों के जहाज हुए हैं प्रभावित

ब्लैकलिस्ट किए गए 45 जहाजों में से कम से कम 14 जहाज ऐसे हैं जो हाल ही में हुई समुद्री हमलों की घटनाओं में शामिल रहे हैं। इस लिस्ट में यूएई की मशहूर कंपनी ADNOC Logistics & Services के 8 जहाज शामिल हैं। इसके अलावा Navig8, सऊदी अरब की नेशनल कैरियर कंपनी Bahri, Klaveness Ship Management, Stolt Tankers और दक्षिण कोरिया की Sinokor कंपनी के जहाज भी इस सूची में हैं। प्राधिकरण ने यह भी चेतावनी दी है कि जो भी जहाज शिप-टू-शिप कार्गो ट्रांसफर या इन ब्लैकलिस्टेड जहाजों की मदद करेंगे, उन पर भी कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे। अगर किसी कंपनी को अपने जहाज को इस सूची से बाहर निकलवाना है, तो उसे ईरानी समुद्री अधिकारियों के सामने लिखित में वैध कारण बताने होंगे।

ईरान की संसद में नए कानून पर विचार

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने जानकारी दी है कि पिछले 24 घंटों के दौरान 25 से 35 अंतरराष्ट्रीय जहाजों ने ईरानी अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाकर इस जलमार्ग को पार किया है। हालांकि, इसी दौरान कुछ अन्य टैंकरों पर चेतावनी के तौर पर गोलीबारी की घटनाएं भी सामने आई हैं। दूसरी तरफ, ईरानी संसद का नेशनल सिक्योरिटी एंड फॉरेन पॉलिसी कमीशन एक ऐसे नए कानून के मसौदे पर विचार कर रहा है, जिसके तहत इस जलमार्ग से गुजरने वाले सभी जहाजों को जरूरी सेवाएं देने के बदले में फीस चुकानी होगी।

अंतरराष्ट्रीय तनाव और कूटनीतिक बैठकें

यह पूरा तनाव ऐसे समय में बढ़ रहा है जब अमेरिका की तरफ से नए प्रतिबंध लगने की उम्मीद है, जिसे अमेरिका के ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने अब तक के सबसे कड़े प्रतिबंध बताया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन संभावित कदमों को आर्थिक युद्ध करार दिया है, और देश के सुरक्षा प्रमुख Mohsen Rezaei ने साफ चेतावनी दी है कि जो भी देश इन प्रतिबंधों का समर्थन करेगा, उसे दुश्मन माना जाएगा। इसी अस्थिर माहौल के बीच पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल Asim Munir ने 24 अगस्त 2026 को तेहरान का दौरा किया है, जहां वे ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे इस तनाव को कम करने के लिए उच्च स्तर की बातचीत कर रहे हैं।

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