लेबनान में इसराइल के हमलों के बाद अब ईरान ने अमेरिका पर निशाना साधा है। ईरान का कहना है कि इस पूरे हालात के लिए अमेरिका सीधे तौर पर जिम्मेदार है। इस तनाव की वजह से इलाके की शांति और सुरक्षा को बड़ा खतरा पैदा हो गया है।

19 जून 2026 को ईरान ने इसराइल के हमलों की कड़ी निंदा की। लेबनान की सरकारी एजेंसी के मुताबिक, दक्षिणी लेबनान में हुए हमलों में रातों-रात कम से कम 18 लोगों की जान गई। इस लड़ाई और तनाव की वजह से स्विट्जरलैंड में होने वाली अमेरिका और ईरान की बातचीत भी आगे के लिए टल गई है।

हाल ही में 17 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian के बीच एक समझौता (MoU) हुआ था। इस समझौते में सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई तुरंत और स्थायी रूप से रोकने की बात कही गई थी। साथ ही ईरान पर लगी समुद्री नाकाबंदी हटाने का भी फैसला हुआ था। 18 जून को US Navy ने नाकाबंदी हटा ली और Strait of Hormuz से तेल की सप्लाई फिर से शुरू हो गई।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने साफ कहा कि लेबनान में लड़ाई रोकना समझौते का एक जरूरी हिस्सा है। ईरान अपने हितों और सहयोगियों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा। ईरान के सुप्रीम लीडर Ayatollah Mojtaba Khamenei ने पहली बार अमेरिका के साथ सीधी बातचीत की मंजूरी दी, हालांकि उन्होंने इस समझौते पर अपनी निजी आपत्ति जताई थी। उन्होंने यह मंजूरी राष्ट्रपति Pezeshkian के भरोसे के बाद दी कि ईरान के अधिकारों और रेजिस्टेंस फ्रंट की रक्षा होगी।

दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने उम्मीद जताई कि इस डील के बाद सभी मोर्चों पर पूरी तरह से युद्धविराम होगा। अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि इस समझौते के तहत ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने होंगे और Strait of Hormuz खुला रखना होगा।

इन समझौतों के बावजूद इसराइल ने लेबनान में अपने हमले जारी रखे। इसराइल की सेना का दावा है कि उन्होंने Hezbollah के 80 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया। इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ कर दिया कि उनकी सेना तब तक लेबनान में रहेगी जब तक जरूरत होगी। लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने इन हमलों को एक खतरनाक कदम बताया है जिससे युद्धविराम की कोशिशों को नुकसान पहुँचा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.