ईरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी IRNA ने साफ़ कर दिया है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अगर कोई भी समस्या होती है, तो उसकी पूरी ज़िम्मेदारी युद्ध शुरू करने वालों की होगी. ईरान ने सीधे तौर पर अमेरिका और इसराइल को निशाने पर लिया है और कहा है कि वे इस तनाव के असली कारण हैं. इस रणनीतिक समुद्री रास्ते को लेकर ईरान का रुख बहुत सख्त हो गया है.
होर्मुज़ जलडमरूमध्य में क्या चल रहा है और ईरान का क्या दावा है?
ईरान ने इस समुद्री रास्ते को अपनी “रेड लाइन” बताया है. 6 मई 2026 को वरिष्ठ सांसद मनुचेहर मोततकी ने चेतावनी दी कि अगर इस रास्ते में कोई दखल देता है, तो ईरान उसका कड़ा जवाब देगा, चाहे इसके लिए फिर से युद्ध ही क्यों न करना पड़े. उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरानी सेना ने अमेरिकी नौसेना के जहाजों के पास चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाई थीं.
- ऑपरेशनल एरिया: 12 मई को IRGC ने बताया कि उन्होंने होर्मुज़ जलडमरूमध्य की परिभाषा को बढ़ाकर इसे एक “विशाल ऑपरेशनल क्षेत्र” बना दिया है.
- सुरक्षा नियंत्रण: मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने 4 मई को चेतावनी दी कि अमेरिका या कोई भी विदेशी सेना अगर इस रास्ते में घुसने की कोशिश करेगी, तो उसे निशाना बनाया जाएगा.
- नियम और शर्तें: 31 मार्च को ईरान ने ऐलान किया कि यहाँ से गुज़रने वाले सभी जहाजों को ईरान द्वारा बनाए गए नियमों का पालन करना होगा.
अमेरिका और इसराइल पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने 2 मई को साफ़ कहा कि समुद्री सुरक्षा में किसी भी तरह की कमी के लिए अमेरिका और इसराइल ज़िम्मेदार होंगे. उन्होंने कहा कि ईरान ने नेविगेशन की आज़ादी का समर्थन किया है, लेकिन यह उन देशों के लिए नहीं है जो ईरान के दुश्मन हैं. वहीं, अंतरिम शुक्रवार प्रार्थना नेता मोहम्मद-जावद हाज अली-अकबरी ने कहा कि फारस की खाड़ी और होर्मुज़ जलडमरूमध्य अब ईरान और उसके क्षेत्रीय साझेदारों द्वारा बनाए गए एक “नए कानूनी शासन” के तहत काम करेंगे.
इस तनाव के बीच कतर के विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने ईरान से अपील की है कि वह खाड़ी देशों को डराने या “ब्लैकमेल” करने के लिए इस समुद्री रास्ते का इस्तेमाल न करे. दूसरी ओर, यूरोपीय संघ की राजनयिक काजा कल्लास ने संकेत दिया है कि युद्ध खत्म होने के बाद इस क्षेत्र में नौसेना मिशन का विस्तार किया जा सकता है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर क्या चेतावनी दी है?
ईरान ने इसे अपनी ‘रेड लाइन’ बताया है और कहा है कि यहाँ की सुरक्षा ईरानी सेना के नियंत्रण में है. किसी भी विदेशी सेना, खासकर अमेरिका के घुसने पर उन्हें निशाना बनाया जाएगा.
समुद्री रास्ते पर तनाव के लिए ईरान किसे ज़िम्मेदार मान रहा है?
ईरान का कहना है कि अमेरिका और इसराइल ‘आक्रामक’ देश हैं और उन्होंने ही युद्ध शुरू किया है, इसलिए किसी भी तरह के नुकसान या तनाव की ज़िम्मेदारी उन्हीं की है.
