ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में जो असुरक्षा बनी हुई है, उसके पीछे अमेरिका और इसराइल की आक्रामकता है। यह बात उन्होंने तेहरान में दक्षिण कोरिया के विशेष दूत चुंग ब्युंग-हा के साथ हुई एक मुलाकात के दौरान कही।

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होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव की असली वजह क्या है?

विदेश मंत्री अराघची ने साफ शब्दों में कहा कि रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी तरह की अस्थिरता के लिए अमेरिका और इसराइल पूरी तरह जिम्मेदार हैं। उन्होंने बताया कि ईरान एक तटीय देश है और वह अपनी सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून और अपने घरेलू नियमों के हिसाब से कदम उठा रहा है। ईरान इन बाहरी खतरों और हमलों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

दुनिया और संयुक्त राष्ट्र से ईरान की क्या मांग है?

ईरान ने दुनिया के सभी देशों से यह मांग की है कि वे अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरानी लोगों के खिलाफ किए गए अपराधों और हमलों की कड़ी निंदा करें। अराघची ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र की यह बड़ी जिम्मेदारी है कि वे अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन को रोकें। इस मीटिंग के दौरान उन्होंने दक्षिण कोरियाई दूत को पिछले 40 दिनों के सैन्य हमलों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

क्या इस विवाद को सुलझाने के लिए कोई कोशिश हो रही है?

दक्षिण कोरिया के विशेष दूत चुंग ब्युंग-हा ने इस बात की उम्मीद जताई कि कूटनीति के जरिए इन हमलों को रोका जा सकता है और शांति लाई जा सकती है। दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी वाशिंगटन और तेहरान के बीच चल रहे इस तनाव को खत्म करने के लिए बातचीत और डिप्लोमेटिक समाधान निकालने की अपील की है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.