ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने क्षेत्र में जारी तनाव और दुनिया भर में इसके प्रभाव के लिए अमेरिका और इसराइल को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। अरागची ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री के साथ बातचीत के दौरान यह बात साझा की है। फिलहाल क्षेत्र में हालात नाजुक बने हुए हैं लेकिन कूटनीतिक स्तर पर तनाव कम करने की कोशिशें भी शुरू हो गई हैं। पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है ताकि बातचीत के रास्ते खुल सकें।

क्या ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत की कोई संभावना है?

अब्बास अरागची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी है कि ईरान ने पाकिस्तान के इस्लामाबाद में होने वाली किसी भी बातचीत से कभी मना नहीं किया है। उनका कहना है कि बातचीत की सफलता पूरी तरह से उन शर्तों पर निर्भर करती है जो इस थोपी गई जंग को स्थायी रूप से खत्म कर सकें। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने ईरान के साथ-साथ मिस्र और बहरीन के नेताओं से भी संपर्क किया है। सभी देशों ने मिलकर इस बात पर जोर दिया है कि डायलॉग ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है।

पिछले 24 घंटों के दौरान हुए कुछ बड़े घटनाक्रम

  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के बिजली घरों और बुनियादी ढांचे पर हमले की अपनी 48 घंटे की समय सीमा वापस ले ली है।
  • ईरान ने अब इराकी जहाजों को होर्मुज की खाड़ी (Strait of Hormuz) से सुरक्षित गुजरने की इजाजत देने का फैसला किया है।
  • हिजबुल्लाह ने लेबनानी तट के पास एक इसराइली युद्धपोत को क्रूज मिसाइल से निशाना बनाने का दावा किया है।
  • अमेरिकी सेना ने ईरान में गिरे अपने एक F-15E लड़ाकू विमान के पायलट को सफलतापूर्वक बचा लिया है।
  • ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह केवल चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान जैसे मित्र देशों के जहाजों को ही जलमार्ग से गुजरने दे रहा है।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.