मध्य पूर्व के देशों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि इलाके में बढ़ती अशांति के लिए अमेरिका और Israel जिम्मेदार हैं। इस बीच Israel ने लेबनान की राजधानी Beirut में Hezbollah के ठिकानों पर हमले किए हैं, जिससे माहौल और खराब हो गया है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने बताया कि West Asia में तनाव बढ़ाने के लिए अमेरिका सीधे तौर पर जिम्मेदार है। उनका कहना है कि Israel और वाशिंगटन एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं। ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Ghalibaf ने भी कहा कि अमेरिका के पास अपनी जिम्मेदारियां निभाने की इच्छा या क्षमता नहीं है।
Israel की तरफ से प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और रक्षा मंत्री Israel Katz ने एक संयुक्त बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि Israel अपनी जमीन पर होने वाली फायरिंग को बर्दाश्त नहीं करेगा। वहीं एक अन्य मंत्री Bezalel Smotrich ने Beirut के Dahiyeh इलाके में इमारतों को गिराने की बात कही है।
दूसरी तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने सभी पक्षों से हमलों को रोकने की अपील की है। उन्होंने कहा कि युद्ध रोकने का समझौता बहुत करीब है और किसी को भी इसे खराब नहीं करना चाहिए। उन्होंने Hezbollah के हमले को छोटा और महत्वहीन बताया है।
संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव Antonio Guterres ने भी इस स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने तुरंत सभी हमलों को रोकने और लेबनान, ईरान और गाजा में युद्धविराम का पालन करने की मांग की है।
बता दें कि 8 अप्रैल को एक युद्धविराम लागू हुआ था। ईरान का मानना है कि अमेरिका इस समझौते का हिस्सा है, इसलिए नियमों के उल्लंघन के लिए अमेरिका जिम्मेदार है। ईरान ने खाड़ी देशों से भी अपील की है कि वे अपने इलाकों या सुविधाओं को अमेरिका और Israel द्वारा इस्तेमाल न करने दें।