ईरान द्वारा हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) की नाकाबंदी के बीच एक बड़ी खबर आई है। माल्टा का तेल टैंकर Odessa दक्षिण कोरिया के सेओसान (Seosan) बंदरगाह पर पहुंच गया है। यह इस नाकाबंदी के बाद वहां पहुंचने वाला पहला जहाज है, जिसमें 10 लाख बैरल कच्चा तेल लदा हुआ था।
Odessa टैंकर का दक्षिण कोरिया पहुंचना क्यों है जरूरी?
यह जहाज HD Hyundai Oilbank के लिए कच्चा तेल लेकर आया है। जानकारों का कहना है कि इससे दक्षिण कोरिया की तेल सप्लाई में स्थिरता आएगी, क्योंकि यह देश की दैनिक तेल खपत का लगभग आधा हिस्सा है। Odessa ने 17 अप्रैल 2026 को हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को पार किया था, जब नाकाबंदी में थोड़ी ढील मिली थी।
ईरान ने जहाजों के लिए क्या नए नियम बनाए हैं?
ईरान ने अब ‘पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ (PGSA) के जरिए ‘वेसल इंफॉर्मेशन डिक्लेरेशन’ भरना अनिवार्य कर दिया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने 6 मई 2026 को ऐलान किया कि नए नियमों के पालन और तय रास्तों पर चलने वाले जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा। ईरान ने चेतावनी दी है कि सुरक्षित पार होने के लिए उनके अधिकारियों के साथ तालमेल जरूरी है।
खाड़ी देशों और अमेरिका के बीच तनाव की स्थिति
क्षेत्र में तनाव अभी भी बहुत ज्यादा है। 8 मई 2026 को UAE के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उनके एयर डिफेंस ने ईरान से आए मिसाइल और ड्रोन हमलों को बीच में ही रोक दिया। UN के इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन के सेक्रेटरी-जनरल आर्सेनियो डोमिंगुएज़ ने 7 मई को बताया कि इस संघर्ष के कारण करीब 1,500 जहाज और 20,000 चालक दल के सदस्य खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Odessa टैंकर में कितना तेल था और वह कहां पहुंचा?
Odessa टैंकर में 10 लाख बैरल कच्चा तेल था, जो दक्षिण कोरिया के सेओसान (Seosan) बंदरगाह पहुंचा है। यह तेल HD Hyundai Oilbank के लिए था।
ईरान ने जहाजों के लिए कौन सा नया नियम लागू किया है?
ईरान ने पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (PGSA) के तहत ‘वेसल इंफॉर्मेशन डिक्लेरेशन’ भरना जरूरी कर दिया है। सुरक्षित रास्ता पाने के लिए जहाजों को इन नियमों का पालन करना होगा।