ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने एक बड़ी घोषणा की है। उन्होंने बताया कि कतर में जमा ईरान के 12 अरब डॉलर में से 6 अरब डॉलर अब देश को वापस मिलने वाले हैं। राष्ट्रपति ने इस समझौते को अपनी जनता के लिए एक बड़ी जीत करार दिया है।

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यह पूरा मामला अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत और युद्धविराम से जुड़ा है। ईरान का दावा है कि अमेरिका के साथ हुए एक समझौते की वजह से तेल और पेट्रोकेमिकल पर लगे प्रतिबंध हट गए हैं, जिससे अब यह पैसा वापस मिल सकेगा।

पैसे का इस्तेमाल और शर्तें

राष्ट्रपति पेज़ेशकियन के मुताबिक, वापस मिलने वाले 6 अरब डॉलर का इस्तेमाल खास तौर पर मानवीय मदद के लिए किया जाएगा। इस फंड से देश के लिए दवाइयां, अनाज और अन्य ज़रूरी सामान खरीदा जाएगा। हालांकि, इस पैसे की निकासी किस्तों में होगी और यह कुछ तय शर्तों और आपसी बातचीत पर निर्भर करेगा।

अमेरिका और कतर का रुख

जहाँ ईरान ने इस खबर की पुष्टि की है, वहीं अमेरिका के अधिकारियों का कहना है कि 29 जून 2026 तक कोई भी जमा पैसा रिलीज़ नहीं किया गया है। कतर की सरकार ने भी अभी तक इस लेन-देन के बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

फंड और बैंक से जुड़ी जानकारी

विवरण जानकारी
कुल जमा संपत्ति 12 अरब डॉलर
वापस मिलने वाली राशि 6 अरब डॉलर
उपयोग का उद्देश्य दवा, भोजन और ज़रूरी सामान
मैनेज करने वाले बैंक Al-Ahli और Dukhan (कतर)
पुराना होल्डर South Korea
वर्तमान होल्डर Qatar
कतर ट्रांसफर का साल 2023

आने वाले दिनों में ईरान और अमेरिका की तकनीकी टीमें Doha में मुलाकात करेंगी। वे एक समझौते (MoU) को लागू करने के तरीकों पर चर्चा करेंगे। यह बातचीत तब हो रही है जब दोनों देशों ने हमलों को रोकने और फिर से बातचीत शुरू करने पर सहमति जताई है। इस पूरी प्रक्रिया में कतर एक अहम मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.