ईरान में चल रहे युद्ध के माहौल के बीच वहां के नागरिकों ने देश के प्रति अपनी बड़ी जिम्मेदारी निभाई है। खून दान करने वालों की संख्या में इतनी भारी बढ़ोतरी हुई है कि अब नेशनल ब्लड रिजर्व 11 दिनों तक के लिए पर्याप्त हो गया है। इस मुहिम में महिलाओं और पहली बार रक्तदान करने वाले लोगों ने बहुत उत्साह दिखाया है।

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खून देने के नियमों में क्या बड़े बदलाव हुए हैं?

Iran Blood Transfusion Organization (IBTO) ने रक्तदान के लिए उम्र की ऊपरी सीमा को पूरी तरह हटा दिया है। अब 65 साल से ज्यादा उम्र के लोग भी खून दान कर सकते हैं, बस शर्त यह है कि डॉक्टर उनकी सेहत की पुष्टि करें। नए वैज्ञानिक दिशा-निर्देशों के आधार पर अब 18 साल से ऊपर का कोई भी व्यक्ति बिना किसी उम्र की पाबंदी के रक्तदान कर सकता है। IBTO के अधिकारी Shahram Shekarchi ने बताया कि सभी दाताओं की जांच होती है, इसलिए बुजुर्गों के खून की क्वालिटी और सेहत में कोई कमी नहीं रहती।

ब्लड रिजर्व और दाताओं से जुड़े अहम आंकड़े क्या हैं?

IBTO के प्रमुख Ahmad Gharehbaghian और अधिकारी Babak Yektaparast के मुताबिक, 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध के बाद से खून देने वालों की संख्या में 24 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इस दौरान रक्तदान करने वालों में 63 प्रतिशत से ज्यादा लोग ऐसे थे जिन्होंने पहली बार खून दिया। वहीं महिलाओं के योगदान में 79 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि देखी गई। आंकड़ों के अनुसार, 28 फरवरी से 21 अप्रैल के बीच ब्लड स्टोरेज की अवधि 2.4 दिन से बढ़कर 9 दिन हुई थी, जो अब 13 मई तक 11 दिनों तक पहुंच गई है। इससे थैलेसीमिया के मरीजों का इलाज सुनिश्चित करना आसान हो गया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान में खून दान करने की नई उम्र सीमा क्या है?

अब 18 साल से ऊपर का कोई भी व्यक्ति रक्तदान कर सकता है। 65 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए भी पाबंदी हटा दी गई है, बशर्ते डॉक्टर उनकी सेहत को सही बताएं।

ब्लड रिजर्व में कितनी बढ़ोतरी दर्ज की गई है?

राष्ट्रीय ब्लड रिजर्व जो पहले केवल 2.4 दिन का था, वह युद्ध के दौरान बढ़े रक्तदान के कारण अब बढ़कर 11 दिनों तक के लिए पर्याप्त हो गया है।