नई दिल्ली में BRICS देशों की एक बड़ी बैठक हुई जिसमें ईरान ने दुनिया के सामने अपनी बात रखी। ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री काज़ेम घरिबाबादी ने साफ कहा कि BRICS को अब उन देशों के खिलाफ खड़ा होना होगा जो दूसरे देशों पर पाबंदियां लगाते हैं और दबाव बनाते हैं।

ईरान ने BRICS से क्या मांग की है?

ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री काज़ेम घरिबाबादी ने 13 मई 2026 को नई दिल्ली में यह बात कही। उन्होंने कहा कि BRICS देशों को मिलकर उन देशों का मुकाबला करना चाहिए जो अपनी मनमानी चलाते हैं और दूसरे देशों पर आर्थिक प्रतिबंध (Sanctions) लगाते हैं। ईरान चाहता है कि यह ग्रुप दुनिया में एक ऐसा सिस्टम बनाए जहां किसी भी देश को डराया या धमकाया न जा सके। घरिबाबादी ने कहा कि ईरान का इस ग्रुप में होना एक सोची-समझी रणनीति है ताकि दुनिया में बराबरी और न्याय लाया जा सके।

इस मीटिंग में और किन बातों पर चर्चा हुई?

  • ग्लोबल साउथ की मदद: मीटिंग में इस बात पर जोर दिया गया कि विकासशील देशों के बीच सहयोग बढ़ाया जाए और उनके अधिकारों की रक्षा हो।
  • आर्थिक बदलाव: अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सिस्टम में सुधार करने और स्वतंत्र व्यापार को बढ़ावा देने की बात हुई।
  • नए वित्तीय साधन: सदस्य देशों ने ऐसे वित्तीय तरीके विकसित करने पर चर्चा की जिससे वे अमेरिकी डॉलर या बाहरी दबाव पर निर्भर न रहें।
  • बहुपक्षीय सहयोग: ईरान ने उम्मीद जताई कि आने वाले सत्रों में दुनिया के आर्थिक ढांचे को बदलने और स्वतंत्र व्यापार को मजबूत करने पर ठोस फैसले लिए जाएंगे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान क्यों चाहता है कि BRICS प्रतिबंधों का विरोध करे?

ईरान का मानना है कि कुछ देश अपनी ताकत का इस्तेमाल कर दूसरे देशों पर एकतरफा प्रतिबंध लगाते हैं। इससे दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ता है, इसलिए BRICS को एक ढाल बनना चाहिए।

यह बैठक कहाँ और कब हुई?

यह बैठक 13 मई 2026 को भारत की राजधानी नई दिल्ली में हुई। यह BRICS विदेश मंत्रियों के शिखर सम्मेलन की एक तैयारी बैठक थी।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.