ईरान सरकार ने 28 जुलाई 2026 को यह बड़ी जानकारी दी है कि दक्षिण-पश्चिम ईरान स्थित Bushehr Airport अब पूरी तरह से बंद हो चुका है। ईरानी सरकार की प्रवक्ता Fatemeh Mohajerani ने बताया कि अमेरिकी हमलों के बाद से हवाई अड्डा अब काम नहीं कर रहा है। सरकारी निरीक्षण के दौरान वहां एक विमान का मलबा मिला, जो हमले में पूरी तरह तबाह हो चुका था।
हमले से भारी नुकसान का दावा
ईरानी प्रवक्ता के अनुसार, इस तनावपूर्ण स्थिति के कारण देश को गैस उत्पादन में करीब 230 मिलियन क्यूबिक मीटर का नुकसान उठाना पड़ा है। इसके साथ ही, इस घटना में ड्यूटी पर तैनात 350 से अधिक सरकारी कर्मचारियों की जान चली गई है। यह हमला 11 जुलाई 2026 से शुरू हुए तनाव का हिस्सा माना जा रहा है, जो 25 जुलाई 2026 तक चला था।
तनावपूर्ण स्थिति का असर
पिछले 13 दिनों के दौरान अमेरिका और ईरान के बीच काफी गहमागहमी रही। इस दौरान अमेरिका ने ईरान के भीतर हमले किए, जबकि ईरान ने अरब देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को अपना निशाना बनाया। फिलहाल हवाई अड्डे के अलावा अन्य बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी अभी स्पष्ट नहीं की गई है।
