ईरान के बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर शनिवार 4 अप्रैल 2026 को एक बार फिर हमला हुआ है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने इस हमले के बाद पश्चिमी देशों के रवैये को गलत बताया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इस तरह के हमलों से निकलने वाला रेडियोधर्मी कचरा पूरे क्षेत्र के लिए खतरनाक हो सकता है। विशेष रूप से खाड़ी देशों (GCC) के लिए यह स्थिति काफी गंभीर है क्योंकि इसका असर वहां की राजधानियों तक पहुंच सकता है।

बुशहर न्यूक्लियर प्लांट पर हुए हमले से कितना हुआ नुकसान?

ईरान की परमाणु ऊर्जा संस्था और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने इस हमले के बारे में आधिकारिक जानकारी साझा की है। शनिवार सुबह हुए इस हमले में एक प्रोजेक्टाइल संयंत्र की बाहरी सीमा के पास गिरा। इस घटना में वहां तैनात सुरक्षा विभाग के एक कर्मचारी की मौत हो गई है और एक सहायक इमारत को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, मुख्य परमाणु रिएक्टर और जरूरी मशीनें पूरी तरह सुरक्षित हैं और प्लांट में काम सामान्य रूप से चल रहा है। IAEA प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने सभी पक्षों से सैन्य संयम बरतने की अपील की है ताकि किसी बड़े परमाणु हादसे से बचा जा सके।

खाड़ी देशों के लिए ईरान ने क्या चेतावनी जारी की है?

ईरान के विदेश मंत्री ने इस हमले को लेकर कुछ कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया है और इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया है।

  • अराघची ने कहा कि अगर प्लांट पर हमले जारी रहे और रेडिएशन फैला तो यह GCC देशों के शहरों में जीवन के लिए खतरा पैदा कर देगा।
  • उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिमी देश यूक्रेन के जैपोरिजिया प्लांट पर तो चिंता जताते हैं लेकिन बुशहर पर हमलों पर खामोश हैं।
  • ईरान ने साफ किया है कि इन हमलों का मुख्य उद्देश्य उनकी आर्थिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाना है।
  • फिलहाल IAEA ने पुष्टि की है कि हमले के बाद रेडिएशन के स्तर में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।

बुशहर संयंत्र पर हुए हमलों का पिछला इतिहास

दिनांक घटना का मुख्य विवरण
28 फरवरी 2026 अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद पहला हमला हुआ था।
17 से 27 मार्च 2026 मार्च के महीने में तीन अलग-अलग मौकों पर संयंत्र के पास प्रोजेक्टाइल गिरे थे।
3 अप्रैल 2026 ईरान के दूत रज़ा नजफी ने इन हमलों को मानवता के खिलाफ अपराध करार दिया था।
4 अप्रैल 2026 ताजा हमले में एक सुरक्षाकर्मी की जान गई और बाहरी इमारत को नुकसान पहुंचा।
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com